अमित शाह कल छत्तीसगढ़ में, कोरबा में बनेगी 2023 विधानसभा चुनाव की रणनीति, आमसभा को भी करेंगे संबोधित
रायपुर. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कल 07 जनवरी को एकदिवसीय प्रवास पर कोरबा आ रहे हैं. शाह पहले राजधानी रायपुर पहुंचेंगे जहां वे भाजपा कोर ग्रुप की बैठक लेंगे तथा चुनिंदा 17 भाजपा नेताओं से अलग से मुलाकात करेंगे. स्पष्ट है कि अमित शाह भाजपा के अंदरूनी हालात का जायजा लेंगे ताकि आगामी विधानसभा चुनाव के हिसाब से रणनीति तैयार करने में मदद मिल सके.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ७ जनवरी को जिले के प्रवास पर पहुंचेंगे। उनका मिनट टू मिनट कार्यक्रम तय हो गया है। इस दिन दोपहर ३ बजे बिलासपुर के चकरभांठा एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर से दोपहर ३.२५ बजे कोरबा पहुंचेंगे। शहर के हेलीपेड ग्राउंड में उनका हेलीकॉप्टर उतरेगा। शाम दोपहर ३.३५ बजे शहर के मां सर्वमंगला मंदिर पहुंचेंगे। दोपहर ३.४५ तक का समय दर्शन व पूजन के लिए आरक्षित किया गया है। इसी दिन दोपहर ३.५५ बजे केंद्रीय गृहमंत्री शाह इंदिरा स्टेडियम परिसर में जनरल मीटिंग लेने के बाद यहां से शाम ४.३० बजे प्रस्थान करेंगे।
कोरबा दौरा को देखते हुए आज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने गुरुवार को कोरबा पहुंचकर अरुण साव ने अमित शाह के कार्यक्रम की तैयारी का जायजा लिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर कोरबा लोकसभा के ४ जिला अध्यक्षों को निर्देश दिए। इन चारों जिले से बड़ी तादाद में आम लोगों और कार्यकर्ताओं को अमित शाह की सभा में जुटाने का लक्ष्य दिया गया है।
उर्जा नगर से मिलेगी सियासी उर्जा
अरुण साव ने कहा- देश के गृहमंत्री अमित शाह का कोरबा प्रवास इस ऊर्जा नगरी और प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। अमित शाह ७ जनवरी को कोरबा में जन सभा को संबोधित करेंगे, और मां सर्व मंगला का आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद कोरबा लोकसभा के कोर ग्रुप की बैठक लेंगे। भाजपा के सभी पदाधिकारी इस कार्यक्रम को एतिहासिक बनाने में लगे हैं। इसकी पूरी तैयारी चल रही है, अलग-अलग कामों के लिए समितियां बनाई गई हैं, ४ जिलों के सभी मंडलों से लोग यहां जुटेंगे।
कारपोरेट लॉबी सतर्क हुई
हालांकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का सिर्फ कोरबा का ही प्रवास बना है. उनका बालको आने का कोई कार्यक्रम नही है. इसके बावजूद बालको की कारपोरेट लॉबी सतर्क है. जानते चलें कि बालको में वेदांता, एसईसीएल, एनटीपीसी, सीएसईबी जैसे सरकार उपक्रम और कारपोरेट कंपनियों के उद्योग संचालित होते हैं साथ ही यहां पर कोयला खनन खनिज खनन का कारोबार भी है. कंपनियों पर अवैध खनन, परिवहन के आरोप भी लगते रहे हैं. ऐसे में कुछ एनजीओ इसे लेेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं. ऐसी सूचना मिलने के बाद कारपोरेट सतर्क हो गए हैं.




