‘Chinese Manjha’ Banned: मकर संक्रांति से पहले देशभर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई; इंदौर में एक की मौत के बाद प्रशासन सख्त

'Chinese Manjha' Banned: मकर संक्रांति से पहले देशभर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई; इंदौर में एक की मौत के बाद प्रशासन सख्त

चाइनीज मांझा (Photo Credits: File Image)

‘Chinese Manjha’ Banned: मकर संक्रांति (Makar Sankrati) और लोहड़ी (Lohri) के जश्न की तैयारियों के बीच देशभर में जानलेवा ‘चीनी मांझे’ (Chinese Manjha) के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. कांच की परत वाले इस सिंथेटिक धागे से होने वाली मौतों और पक्षियों के कटने की घटनाओं को देखते हुए कई राज्यों की पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी है. हाल ही में मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore0 में एक मोटरसाइकिल सवार की गर्दन कटने से हुई मौत ने इस खतरे को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है.

रविवार, 11 जनवरी 2026 को इंदौर में एक 45 वर्षीय व्यक्ति अपनी बाइक से घर लौट रहे थे, तभी हवा में लटकते चीनी मांझे ने उनका गला रेत दिया. अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. शहर में पिछले तीन महीनों में यह इस तरह की दूसरी घटना है. वहीं, एक अन्य छात्र भी इसी मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया. इन घटनाओं ने त्यौहार की खुशियों के बीच सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. यह भी पढ़ें: Makar Sankranti 2026 Date: मकर संक्रांति कब है? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और दान-पुण्य का विशेष महत्व.

क्यों जानलेवा है ‘चीनी मांझा’?

पारंपरिक सूती धागे के विपरीत, चीनी मांझा नायलॉन या अन्य सिंथेटिक सामग्रियों से बना होता है.  इसे और भी घातक बनाने के लिए इस पर पिसे हुए कांच या धातु की कोटिंग की जाती है.

  • इंसानों के लिए खतरा: यह धागा इतना तेज होता है कि दोपहिया वाहनों की गति के संपर्क में आते ही इंसानी मांस और हड्डियों को काट सकता है.
  • पक्षियों का दुश्मन: हर साल हजारों पक्षी, विशेषकर चील और कबूतर, इसके जाल में फंसकर अपने पंख गंवा देते हैं या दम तोड़ देते हैं.
  • पर्यावरण को नुकसान: यह धागा ‘नॉन-बायोडिग्रेडेबल’ (प्राकृतिक रूप से नष्ट न होने वाला) है, जो सालों तक पेड़ों और बिजली के तारों में फंसा रहता है.

कानूनी कार्रवाई: 5 साल की जेल और 1 लाख जुर्माना

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने साल 2017 में ही देशभर में चीनी मांझे के निर्माण, बिक्री और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था.

  • पर्यावरण संरक्षण अधिनियम: इसके उल्लंघन पर 5 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.
  • पुलिस एक्शन: हैदराबाद पुलिस ने पिछले एक महीने में 100 से अधिक मामले दर्ज कर 143 लोगों को गिरफ्तार किया है. अमृतसर में पुलिस छतों पर पतंगबाजी की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है.

सूरत पुलिस की अनोखी पहल

गुजरात के सूरत में पुलिस ने बाइक सवारों को बचाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है. पुलिसकर्मी सड़कों पर मोटरसाइकिल सवारों के हैंडल पर लोहे के सुरक्षा घेरे (U-Guards) और गर्दन के लिए सुरक्षा कवच (Neck Collars) मुफ्त में लगा रहे हैं, ताकि मांझा सीधे गले तक न पहुंच सके.




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