महाप्रयाण; जगद्गुरू शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी का 99 वर्ष की आयु में निधन, देश शोक में डूबा
हिन्दू धर्म के सर्वोच्च गुरु और ज्योतिष और द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी का आज 99 वर्ष की आयु में महाप्रयाण हो गया। परमहंसी गंगा आश्रम, झोतेश्वर जिला नरसिंहपुर में स्वामी जी ने कल दोपहर 3.30 बजे अंतिम सांस सांस ली।
हाल ही में 30 अगस्त को उनके परमहंसी गंगा आश्रम में तीजा के दिन स्वामी जी का 99वें जन्मदिन मनाया गया था। इनके भू-समाधि कार्यक्रम में प्रदेश के कई बड़े दिग्गज नेता पहुंचेंगे। साथ ही उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताया है।
शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती को समाधि दिलाई जाएगी। यह भू समाधि झोतेश्वर स्थित परमहंसी गंगा आश्रम में दी जाएगी। आश्रम सूत्रों के अनुसार पिछले एक साल से गंभीर रूप से बीमार थे और कुछ दिनों से उन्हें आश्रम में भी बनाये अस्थाई अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रख गया था।
आश्रम सूत्रों के अनुसार पिछले एक साल से गंभीर रूप से बीमार थे और कुछ दिनों से उन्हें आश्रम में भी बनाये अस्थाई अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रख गया था।
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का जन्म मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के दिघोरी गांव में एक ब्राम्हण परिवार जन्म हुआ था स्वामी शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती सनातन धर्म के सर्वोच्च गुरु तो थे ही, वे आजादी की लड़ाई में भाग लेकर जेल भी गए थे।
सवामी स्वरूपानन्द सरस्वती महाराज करोड़ों सनातन हिन्दुओं की आस्था के ज्योति स्तंभ हैं। जगद्गुरु शंकराचार्य श्री स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी दो मठों (द्वारका एवं ज्योतिर्मठ) के शंकराचार्य हैं।




