Mumbai Heatwave Alert: मुंबई-ठाणे में भीषण गर्मी का प्रकोप, मौसम विभाग ने 11 मार्च तक के लिए ‘येलो अलर्ट’ किया जारी

Mumbai Heatwave Alert: मुंबई-ठाणे में भीषण गर्मी का प्रकोप, मौसम विभाग ने 11 मार्च तक के लिए 'येलो अलर्ट' किया जारी

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: PTI)

Mumbai Heatwave Alert: मुंबई और ठाणे सहित आसपास के क्षेत्रों में भीषण गर्मी का दौर जारी है. मार्च के महीने में ही गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है, जिसके चलते भारतीय मौसम विभाग ( India Meteorological Department) यानी आईएमडी (IMD) ने 11 मार्च तक के लिए ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert)  जारी किया है. विभाग के अनुसार, दिन का तापमान 37 डिग्री से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना है, जो इस मौसम के सामान्य स्तर से काफी अधिक है.

मौसम विभाग ने हालांकि पहले के ‘ऑरेंज अलर्ट’ को घटाकर ‘येलो अलर्ट’ कर दिया है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि गर्मी का असर कम हुआ है. येलो अलर्ट का मतलब है कि निवासियों को सतर्क और अपडेट रहने की आवश्यकता है. शहर के कुछ इलाकों में तापमान पहले ही 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को छू चुका है, जिससे दोपहर के समय आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.

क्यों हो रही है इतनी गर्मी?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस असामान्य गर्मी के पीछे मुख्य कारण गुजरात के ऊपर बनी ‘एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ (प्रति-चक्रवाती परिसंचरण) प्रणाली है। इसके दो बड़े प्रभाव देखे जा रहे हैं:

  • गर्म हवाएं: यह उच्च दबाव प्रणाली उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा से गर्म और शुष्क हवाओं को मुंबई की ओर खींच रही है.
  • समुद्री हवा में देरी: आमतौर पर मुंबई में दोपहर तक समुद्री ठंडी हवाएं (Sea Breeze) शुरू हो जाती हैं, लेकिन इस प्रणाली के कारण ये हवाएं देर शाम तक पहुंच रही हैं. इससे दिनभर गर्मी का दबाव बढ़ता जा रहा है.

मुंबई लाइव मौसम पूर्वानुमान और अपडेट

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स्वास्थ्य विभाग की सलाह

बढ़ती गर्मी और उमस को देखते हुए नगर निगम और स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है:

  • हाइड्रेशन: प्यास न होने पर भी पानी पीते रहें। ओआरएस (ORS) या इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन करें.
  • खान-पान और पहनावा: हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनें. दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें.
  • सुरक्षा: बाहर निकलते समय छतरी, टोपी या गीले कपड़े का उपयोग करें.
  • कार्यस्थलों के लिए: नियोक्ताओं से आग्रह है कि वे बाहरी मजदूरों के लिए छायादार स्थान और पर्याप्त पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें.

ऐतिहासिक संदर्भ और पूर्वानुमान

इस साल मार्च की शुरुआत काफी आक्रामक रही है. 1956 में मार्च के महीने में 41.7 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया गया था, और इस बार का तापमान उसी दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है. मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि सप्ताह के अंत तक एक ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण स्थिति में सुधार हो सकता है और तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आ सकती है. तब तक, मुंबई और ठाणे के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.




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