आज सदी का दूसरा सबसे दुर्लभ सूर्यग्रहण हुआ शुरु, जानिए इससे जुड़ी कुछ जरूरी बातें…
नई दिल्ली। कोरोना महामारी के बीच आज यानी रविवार को एक खगौलीय घटना होगी। आज का दिन इस साल का सबसे बड़ा दिन होने वाला है, क्योंकि आज वलयाकार सूर्यग्रहण लग गया है। भारत के कई हिस्सों में लोग सूर्यग्रहण के दौरान रिंग ऑफ फायर देख सकेंगे। हालांकि, देश के कई हिस्सों में सूर्यग्रहण का आंशिक रूप ही देखने को मिलेगा। चंद्रग्रहण की तरह ही सूर्यग्रहण को भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए। इसे देखने के लिए कुछ खास तरह के उपकरणों की ज़रूरत होती है। बताया जा रहा है कि आज जो सूर्यग्रहण लगा है वो कई मामलों में बेहद अलबेला (युनीक) है।
कब दिखेगा सूर्यग्रहण :
यह ग्रहण रविवार को सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर शुरु हो गया है। यह इस साल का पहला सूर्य ग्रहण है। सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजकर 4 मिनट पर यह ग्रहण समाप्त होगा। हालांकि दोपहर 12 से साढ़े 12 के बीच यह ग्रहण अपने चरम पर रहेगा। सूर्यग्रहण के दौरान सूरज एक चमकते हुए अंगूठी के छल्ले की तरह दिखाई देगा। ग्रहण के दौरान सूरज का पूरा भाग काला नज़र आएगा, लेकिन सूरज के किनारे चमकदार रहेंगे। यह ग्रहण लगभग छह घंटे लंबा होगा। इतने लंबे वक्त तक चलने के कारण ही इस ग्रहण की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। यह सूर्य ग्रहण मिथुन राशि और मृगशिरा नक्षत्र में लगेगा। मिथुन बुध ग्रह की राशि है और मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल ग्रह है।
जानें कहां-कहां दिखाई देगा वलयाकार सूर्यग्रहण :
दुनिया की बात करें तो यह ग्रहण भारत, नेपाल, पाकिस्तान, यूएई, इथोपिया और कांगो में दिखाई देगा। भारत में हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान के कुछ शहरों में वलयाकार सूर्यग्रहण देखने को मिलेगा। वहीं जयपुर, दिल्ली, चंडीगढ़, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, चेन्नई, शिमला और लखनऊ जैसे शहरों में आंशिक सूर्यग्रहण ही दिखाई देगा।
घर बैठे देख सकते हैं सूर्यग्रहण :
सूर्यग्रहण को आप आर्यभट्ट प्रेक्षण एवं शोध संस्थान (एरीज) के फेसबुक पेज और ज़ूम ऐप पर घर बैठे लाइव देख सकते हैं। एरीज के निदेशक डॉक्टर दीपांकर बनर्जी ने बताया है कि वलयाकार सूर्यग्रहण को फेसबुक पेज पर लाइव दिखाने के लिए एरीज ने सभी तैयारियां कर ली हैं।
सूर्यग्रहण से संबंधित दिलचस्प बातें :
21 जून के बाद अगला सूर्यग्रहण इसी साल 14 या 15 दिसंबर को होगा। हालांकि माना जा रहा है कि अगला सूर्यग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। वैज्ञानिकों के अनुसार एक साल में कुल पांच सूर्यग्रहण तक लग सकते हैं। हालांकि, पूर्ण सूर्यग्रहण में सूरज लगभग 90 प्रतिशत तक एक काली परत से ढ़क जाता है। पूर्ण सूर्यग्रहण को काफी दुर्लभ माना जाता है। यह 18 महीनों में सिर्फ एक बार ही होता है। पूर्ण सूर्यग्रहण को उत्तर और दक्षिण ध्रुवों से नहीं देखा जा सकता है।





