आखिर टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड का टोटा हुआ खत्म, नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पर फेंका भाला, देशभर में खुशी की लहर
Finally we got gold in the Tokyo Olympics, Neeraj Chopra threw a javelin at the gold, a wave of happiness across the country
भारतीय जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक के जैवलिन थ्रो फाइनल में इतिहास रच दिया है. नीरज चोपड़ा ने आखिरकार ओलंपिक में गोल्ड हासिल कर 2008 के बाद का सूखा खत्म कर दिया है. शानदार प्रदर्शन करते हुए नीरज ने सभी खिलाड़ियों को पछाड़ दिया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया. नीरज की इस सफलता पर पूरा देश गदगद है. राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर तमाम खेल प्रेमी बधाई दे रहे हैं.
बता दें कि भाला फेंक में 23 वर्षीय नीरज ने ओलंपिक स्टेडियम में ग्रुप ए क्वालीफिकेशन राउंड के अपने पहले ही प्रयास में 86.65 मीटर का थ्रो किया. इस थ्रो से नीरज ने 83.50 मीटर के ऑटोमेटिक क्वालीफाइंग अंक को हासिल किया था. नीरज ने जर्मनी के जोहानेस वेटेर को पीछे छोड़ा था जो स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं. जोहानेस ने भी हालांकि, 85.64 मीटर का थ्रो कर ऑटोमेटिक क्वालीफिकेशन हासिल किया था. यह भी बता दें कि टोक्यो ओलंपिक में भारत 7 मेडल जीत रिकार्ड दर्ज कर लिया है.
हरियाणा के पानीपत जिले के खांद्रा गांव में एक छोटे से किसान के घर पर 24 दिसंबर 1997 को नीरज का जन्म हुआ था. नीरज ने अपनी पढ़ाई चंडीगढ़ से की. नीरज ने 2016 में पोलैंड में हुए IAAF वर्ल्ड U-20 चैम्पियनशिप में 86.48 मीटर दूर भाला फेंककर गोल्ड जीता था, जिसके बाद उन्हें आर्मी में जूनियर कमिशन्ड ऑफिसर के तौर पर नियुक्ति मिली थी.



