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कुगती में बैसाखी पर मंदिर के कपाट खुलते ही पूजा-अर्चना के लिए उमड़े श्रद्धालु

Bharmour. भरमौर। जनजातीय क्षेत्र भरमौर के प्रसिद्व कार्तिक स्वामी और भरमाणी माता मंदिर के कपाट रविवार को सदियों से चली आ रही परंपराओं को निभाने के बाद श्रद्वालुओं के लिए खुल गए। इस दौरान जिला चंबा के अलावा प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से भी श्रद्वालु कार्तिक स्वामी के दर्शनों के लिए यहां पहुंचे थे। लिहाजा खचाखच भरे मंदिर परिसर में भजनों के बीच झूमते श्रद्वालुओं का नजारा यहां रविवार को देखते ही बन रहा था। बहरहाल रविवार से मंदिर के कपाट खुलने से कार्तिक स्वामी के दर्शनों के लिए रोजाना श्रद्धालुओं के आने का दौर भी आरंभ हो जाएगा। बता दें कि कार्तिक स्वामी का मंदिर कुगती गांव से साढ़े चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित भुखार धार में है। हर वर्ष नबंवर माह के अंत में मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए
जाते है।
अप्रैल माह में इन्हें श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। कपाट बंद रहने से खुलने तक की अवधि को स्थानीय भाषा में अंदरोल कहा जाता है। कार्तिक स्वामी मंदिर के पुजारी मचलू राम शर्मा ने बताया कि इस वर्ष 13 अप्रैल रविवार यानि बैशाख माह की संक्रांति वाले दिन रविवार को विधि विधान से सुबह दस बजे मंदिर का कपाट खोला गया। उन्होंने कहा कि मंदिर के कपाट खुलने के बाद अब यहां पर श्रद्वालुओं का आने का सिलसिला भी आरंभ हो गया है। उधर, मंदिर के कपाट खुलने के दौरान निभाई जाने वाले परंपराओं और अपने अराध्य देव के पहले दर्शन पाने के लिए शनिवार शाम को ही सैकड़ों की तादाद में श्रद्वालु कुगती गांव पहुंच गए थे। यहां पर रात्रि ठहराव के बाद रविवार तडके ही श्रद्धालुओं का गांव से मंदिर की ओर जाने का दौर आरंभ हो गया था। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यहां पर शीश नवाजा।




