केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सऊदी अरब का किया दौरा

Dekhi दिल्ली। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू 7 से 9 नवंबर तक सऊदी अरब के आधिकारिक दौरे पर रहे। उनके साथ एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी था, जिसमें अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर. महाजन और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव (हज) राम सिंह शामिल थे। यह यात्रा सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्री डॉ. तौफीक बिन फवजान अल रबिया के निमंत्रण पर हुई थी।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्री डॉ. तौफीक बिन फवजान अल रबिया के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने हज तैयारियों की समीक्षा की, समन्वय और रसद सहायता बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की और भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित करने के लिए साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की। बैठक में सुचारू और आरामदायक तीर्थयात्रा अनुभव सुनिश्चित करने के लिए सुविधाओं, परिवहन, आवास और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों पक्षों ने जेद्दा में हज-2026 के लिए भारत और सऊदी अरब के बीच द्विपक्षीय हज समझौते पर हस्ताक्षर किए। भारत के लिए देश कोटा 1,75,025 की पुष्टि की गई।

उन्होंने यात्रा के दौरान हज-2026 की तैयारियों का आकलन करने के लिए भारतीय दूतावास रियाद और भारतीय महावाणिज्य दूतावास जेद्दा के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी की। उन्होंने भारतीय तीर्थयात्रियों के कल्याण और आराम को सुनिश्चित करने के लिए सऊदी अधिकारियों के साथ निकट समन्वय में मिशन और वाणिज्य दूतावास के प्रयासों की सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने जेद्दा और ताइफ में हज और उमराह से संबंधित प्रमुख स्थलों, टर्मिनल 1 और जेद्दा में हरमैन स्टेशन का दौरा कर तीर्थयात्रियों के लिए उपलब्ध बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की जानकारी हासिल की। उन्होंने जेद्दा और ताइफ में प्रवासी भारतीयों से भी बातचीत की।

यह यात्रा भारत और सऊदी अरब के बीच बढ़ती साझेदारी में महत्वपूर्ण है। यह विविध क्षेत्रों, विशेष रूप से सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामुदायिक कल्याण में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस यात्रा ने मैत्री, पारस्परिक सम्मान और सहयोग की भावना को और मजबूत किया। यह भारत-सऊदी अरब संबंधों का मार्गदर्शन करती रही है तथा तीर्थयात्रियों के कल्याण और द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रूप से मजबूत करने में सकारात्मक योगदान दे रही है।


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