गुजरात शराब मामला: पुलिस ने केमिकल सप्लाई चेन का पता लगाया, 27 गिरफ्तार

अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही में गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 2 सितंबर तक पुलिस कस्टडी रिमांड में भेज दिया। जांच तब शुरू हुई जब 18 अगस्त को भावनगर जिले के वारतेज पुलिस स्टेशन में एक आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने पाया कि लोगों ने मेथनॉल वाली जहरीली शराब पी थी। अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद, भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 105, 123, 61(2), 3(5), 274, 275, 345(3) और 349 और निषेध अधिनियम की धाराओं 65(ए)(बी)(डी)(ई)(एफ), 65A(2), 65A(3), 67(1)ए, 81 और 83 के तहत 21 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी एस मलिक के निर्देश पर, जांच एसएमसी को सौंप दी गई और पुलिस इंस्पेक्टर एस एम जडेजा ने इसकी कमान संभाली। एसएमसी ने दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात के अलग-अलग जिलों में 16 टीमें तैनात कीं। ये टीमें मेथनॉल और अन्य रसायनों के स्रोत, उन्हें लाने वाले ट्रांसपोर्टरों, आरोपियों और उन जगहों की जांच कर रही हैं जहां से कच्चा माल गुजरात में आया। पहली 14 गिरफ्तारियों के दौरान ही जहरीले रसायन वाली शराब की बोतलें जब्त कर ली गई थीं।
बाद में उनसे हुई पूछताछ से जांचकर्ताओं को कच्चा माल खरीदने और शराब बनाने व बांटने के बारे में जानकारी मिली। हाल ही में गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों में मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले का रहने वाला आनंद छंडी भी शामिल है। पुलिस का आरोप है कि उसे उज्जैन से लाया गया था और उसने जहरीली शराब बनाने की साजिश में अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन उपलब्ध कराना भी शामिल था। बाकी 12 आरोपियों में, अरविंद उर्फ पांडे सोलंकी, संजय मकवाना, नितिन उर्फ मुन्ना मोरी, किशोर उर्फ पोचो सोलंकी, मयूर सोलंकी, संजय मोरी, मुकेश उर्फ कचोरी बारैया, संजय उर्फ चक्रम बारैया, निर्मलसिंह वाघेला, पार्थराजसिंह गोहिल, संजय चावड़ा और भागीरथसिंह गोहिल शामिल थे।
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