चेट्रीचंड पर्व पर दो दिवसीय ‘सिंधियत जो मेलो’

रायपुर। CG NEWS : चेट्रीचंड के पावन अवसर पर वरुणावतार भगवान झूलेलाल जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में छ.ग. सिन्धी पंचायत द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय दो दिवसीय “सिंधियत जो मेलो” (14–15 मार्च 2026) का आज भव्य शुभारंभ हुआ। इस आयोजन में पूरे प्रदेश से आए 10 हजार से अधिक समाजजनों ने भाग लेकर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।

प्रदेश प्रवक्ता सुभाष बजाज ने जानकारी देते हुए बताया कि आज आयोजित भव्य धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम में सिंधी समाज के अंतरराष्ट्रीय कलाकार Jatin Udasi और Mohit Lalwani ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। मोहित लालवानी ने “जेको खटि आयो खैर सा”, “हो जमालो”, “दमादम मस्त कलंदर” और “तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो राधे” जैसे लोकप्रिय भजन और गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं लोकनृत्यों की धुन पर समाजजन झूम उठे।

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जतिन उदासी ने “ओ लाल मुंजी पत् रखजो”, “भला झूले लालण” और “जिए मुंहीजी सिंध मां” जैसे सिंधी लोकगीतों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में समां बांध दिया। इस आयोजन में पूरे प्रदेश से 10 हजार से अधिक युवा, महिलाएं, पुरुष और बुजुर्ग शामिल हुए। देर रात तक सभी समाजजन सिंधी लोकनृत्य और भजनों पर झूमते रहे।

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आयोजन की शुरुआत भगवान झूलेलाल की मूर्ति पर दीप प्रज्वलन और आरती के साथ की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उपस्थित रहे। वहीं विशेष अतिथियों में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, मंत्री केदार कश्यप, विधायक मोतीलाल साहू और धमतरी महापौर रामू रोहड़ा शामिल हुए।

अतिथियों ने अपने उद्बोधन में सिंधी समाज को पुरुषार्थी समाज बताते हुए कहा कि सिंधी समाज ने न केवल धर्म और संस्कृति के क्षेत्र में बल्कि समाज सेवा और व्यापार में भी नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज व्यापार के साथ-साथ समाज सेवा और मानव सेवा में भी अग्रणी रहा है। साथ ही इस आयोजन को समाज की सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक बताते हुए छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत की सराहना की और इस तरह के सामाजिक व सांस्कृतिक आयोजन के साथ समाज में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए साधुवाद की पात्र है।

आयोजन को सफल बनाने में छत्तीसगढ़ सिन्धी पंचायत के आसुदाराम वाधवानी, अमर पारवानी, महेश दरयानी, अमित चिमनानी, ललित जयसिंग, बलराम आहुजा, महेश रोहरा, रमेश मिरघानी, भरत बजाज, जीवतराम बजाज, कैलाश खेमानी, कैलाश बालानी, सुभाष बजाज, तनेश आहुजा, विकास रूपरेला, अनिल लाहोरी, गौरव मंधानी प्रहलाद शादीजा, मनीष पंजवानी, राजू चंदनानी, रतन वर्त्यानी, प्रेमप्रकाश मध्यानी, मनीष आहुजा, अजीत मोटवानी, विनोद संतवानी, अमर चंदनानी, झामनदास बजाज, मुरलीधर शादीजा, महेश चंदनानी, रवि चरियानी, सुधीर रामानी, गिरीश लहेजा, सागर खटवानी, रतन लीलानी एवं सभी पंचायतों के मुखी गण एवं पदाधिकारीयों की सक्रिय भूमिका रही।

 


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