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छात्रों ने कोर्ट परिसर और वकालत की बारीकियां जानी


Shimla. शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विधि विभाग द्वारा राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। उद्घाटन समारोह के मुख्यातिथि हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता आईएन मेहता थे। समारोह की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति-कम-डीन और अध्यक्ष विधि विभाग प्रो. राजेंद्र वर्मा ने की। मुख्यातिथि आईएन मेहता ने कि अनुसंधान, बहस करने और मामलों को अदालतों के समक्ष प्रस्तुत करने की कला विकसित करने के लिए मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रो. (डाक्टर) राजेंद्र वर्मा ने भविष्य के उभरते वकीलों में आत्मविश्वास पैदा करने और वक्तृत्व कौशल विकसित करने में मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं की प्रभावशीलता पर जोर दिया। इस दौरान विभिन्न राज्यों से भाग लेने वाली दस टीमें मौजूद रहीं। प्रारंभिक दौर के ड्रा निकाले गए और स्मृति चिह्नों का आदान-प्रदान

किया।

प्रतियोगिता की संयोजक डाक्टर शालिनी कश्मीरिया ने सभी का स्वागत किया। मूट कोर्ट प्रतियोगिता पांच अलग-अलग अदालत कक्षों में प्रारंभिक दौर के साथ शुरू हुई। इसके बाद क्वार्टर फाइनल राउंड शुरू हुआ। सेमीफाइनल राउंड कोर्ट नंबर 1 और कोर्ट नंबर 2 में हुआ। अंतिम दौर में पहुंचने वाली दो टीमें टीसी-07 (यानी महाराष्ट्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, नागपुर से) और टीसी-05 (यानी विश्वविद्यालय कानूनी अध्ययन संस्थान, शिमला से) थी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति वीके शर्मा, (पूर्व न्यायाधीश, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय) थे, जिन्होंने भाग लेने वाली टीमों के प्रयासों की सराहना की और वास्तविक अदालत कक्षों में प्रवेश करने के लिए ड्रेस रिहर्सल के रूप में मूट कोर्ट के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रतियोगिता के परिणाम में 10 हजार का पुरस्कार टीम टीसी-05 शिमला ने जीता।

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