भारतनेट से छत्तीसगढ़ के गांवों को डिजिटल शक्ति मिलेगी: बृजमोहन अग्रवाल

मंत्रालय ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में भारतनेट फेज-I और फेज-II के अंतर्गत कुल 9,681 ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर (OFC) केबल से जोड़ा गया है। इनमें से 833 ग्राम पंचायतें संचालित स्थिति में हैं। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया अभियान ने देश के गांवों को नई संभावनाओं से जोड़ा है। भारतनेट जैसी योजना ग्रामीण भारत को शिक्षा, स्वास्थ्य, शासन, कृषि और डिजिटल सेवाओं से जोड़ने की आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के हजारों गांवों को OFC कनेक्टिविटी से जोड़ना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब आवश्यकता है कि जिन ग्राम पंचायतों तक आधारभूत कनेक्टिविटी पहुंच चुकी है, वहां सेवा संचालन को और गति देकर आम नागरिकों तक इसका पूरा लाभ पहुंचाया जाए। सांसद बृजमोहन अग्रवाल के अनुसार डिजिटल कनेक्टिविटी केवल इंटरनेट सुविधा नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास का नया माध्यम है। इससे बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा, मरीजों को टेलीमेडिसिन, किसानों को कृषि जानकारी, युवाओं को डिजिटल अवसर और नागरिकों को सरकारी सेवाओं तक सरल पहुंच मिलती है।
मंत्रालय ने अपने उत्तर में यह भी बताया कि भारत सरकार ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को डिजाइन, बिल्ड, ऑपरेट और मैनटेन मॉडल के तहत स्वीकृत किया है। छत्तीसगढ़ में इसके क्रियान्वयन के लिए राज्य-नेतृत्व मॉडल को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि नई व्यवस्था से छत्तीसगढ़ में भारतनेट परियोजना को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य के समन्वय से छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार तेज होगा और डिजिटल इंडिया का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।
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