मद्रास हाईकोर्ट ने 14 जिलों में खाली छोड़ी गई खदानों की घेराबंदी के दिए निर्देश

MADURAI मदुरै। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने मानव और पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पीठ के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 14 जिलों में छोड़ी गई खदानों के चारों ओर बाड़ लगाने के लिए संबंधित जिला कलेक्टरों को आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है। इनमें मदुरै और शिवगंगा जिले भी शामिल हैं।

न्यायमूर्ति सी.वी. कार्तिकेयन और न्यायमूर्ति शक्तिवेल की पीठ ने यह निर्देश मदुरै के चोक्कीकुलम निवासी सत्यामूर्ति की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिकाकर्ता ने तमिलनाडु के सभी जिलों में छोड़ी गई खदानों के रखरखाव के लिए समितियों के गठन, ग्रीन फंड एकत्र करने और ऐसी खदानों के आसपास तत्काल बाड़ लगाने के निर्देश देने की मांग की थी।

सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि मनुष्यों और पशुओं की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। अदालत ने कहा कि इस दिशा में पहला कदम छोड़ी गई खदानों के चारों ओर बाड़ लगाना होना चाहिए। इसके बाद पीठ ने मदुरै पीठ के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 14 जिलों के जिला कलेक्टरों को छोड़ी गई खदानों की घेराबंदी के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।

अदालत ने यह भी कहा कि उसके समक्ष यह बताया गया है कि मदुरै में छोड़ी गई खदानों में जमा पानी का इस्तेमाल कृषि कार्यों के लिए किया जा रहा है। पीठ ने जिला कलेक्टरों को जवाब दाखिल कर यह बताने का निर्देश दिया कि क्या अन्य जिलों में छोड़ी गई खदानों में जमा पानी का भी इसी तरह कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।


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