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मलाणा में बर्फीली आफत, मंदिर तक पहुंचा मलबा


Manali. मनाली। जिला कुल्लू से पुरातन गांव मलाणा में पानी वाली बर्फ गिरने से गांव के पीछे स्लाइड हुआ। हालांकि स्लाइडिंग मलाणा पंचायत के वार्ड नंबर तीन से काफी दूर पीछे हुई है, लेकिन पानी वाली बर्फ होने के चलते मलबा गांव और घरों के रास्ते से होकर मंदिर प्रांगण तक पहुंचा। इससे मंदिर प्रांगण कीचड़ में तब्दील हो गया। वहीं, छोटी फागली भी यहां पर होनी है। ऐेसे में ग्राम पंचायत के प्रधान, उपप्रधान भी स्लाइडिंग के मंदिर प्रांगण तक आए मलबे और कीचड़ को हटाने के लिए जुटे। यही नहीं इनके साथ ही मलाणा पंचायत के वार्ड नंबर तीन लोगों ने भी अपने आराध्य के मंदिर प्रांगण में आए मलबे को हटाने क ेलिए आगे आए और कड़ाके की ठंड के बीच महिलाओं ने भी मंदिर प्रांगण को साफ करने में सामुदायिक भावना को उजागर किया। महिलाएं काफी संख्या में एकत्रित हुईं और दिनभर मलबे को हटाने का कार्य किया। बता दें कि शनिवार रात को पहले बारिश हुई। इसके बाद मलाणा गांव में पानी वाली बर्फबारी शुरू हुई। हालांकि गांव में दो-तीन इंच ताजा बर्फबारी हुई। मलाणा गांव में ताजा बर्फबारी होने से एक बार फिर लोगों ने ठंड महसूस की है। मलाणा की पहाडिय़ां चारों तरफ से बर्फ से लकदक हुई है। जिससे ठंड का प्रकोप एक बार फिर बढ़

गया है।

लेकिन गांव से पीछे आधा फुट के करीब ताजा हिमपात हुआ। पानी वाली बर्फबारी होने से गांव से काफी पीछे भूस्खलन हुआ। जिससे भूस्खलन का मलबा गांव तक पहुंचा। रास्तों से आया मलबा मंदिर प्रांगण तक पहुंच गया। मंदिर प्रांगण तालाब जैसा रविवार सुबह तक बना था। ग्रामीणों को गांव का रास्ता और मंदिर प्रांगण एरिया कीचड़ होने के चलते चलने-फिरने में भी दिक्कत आई ऐसे में ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाई और मलबे को हटाने का कार्य किया। पुरुषों ने बेलचा लेकर मलबे को एकत्रित किया। वहीं, महिलाओं ने प्रांगण से मलबे को हटाया। यही नहीं इसके बाद पानी की पाइप जोडक़र प्रांगण को बाकायदा झाडू लगाकर बिल्कुल साफ किया गया। उधर, मलाणा पंचायत के प्रधान राजू राम ने बताया कि शनिवार रात को मलाणा गांव में पानी वाली बर्फ गिरी। जिससे गांव से काफी पीछे स्लाइड हुआ। जिससे मलबा वार्ड नंबर तीन के रास्ते से होकर मंदिर प्रांगण तक पहुंचा था। जिसे ग्रामीणों ने दिनभर कार्य कर हटाया है। उन्होंने बताया कि मलाणा में देवता का त्योहार भी है। ऐसे में ग्रामीणों ने प्रांगण को बिल्कुल साफ-सुथरा किया। उधर, मनाली के वशिष्ठ सडक़ पर भू-स्खलन होने से चिट्टान और एक देवदार का पेड़ गिर गया, जिससे काफी देर तक वाहनों की आवाजाही में ब्रेक लगी।

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