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लॉकेटधारी व्यापारी गिरफ्तार, यूट्यूब में किया था बाघ पंजा होने का दावा


बालाकृष्णन गले में पहना अपना टाइगर क्लॉ पेंडेंट दिखा रहे थे और जब उनसे पूछा गया कि यह क्या है, तो उन्होंने कहा कि वह सार्वजनिक रूप से इसके बारे में नहीं बता सकते. यह बाघ का पंजा है. मुझे यह आंध्र प्रदेश से मिला. हालांकि मैंने इसका शिकार नहीं किया था. व्लॉगर ने फिर पूछा कि क्या वह ‘नट्टमई'(सरपंच) हैं, जिसके लिए बालाकृष्णन ने दावा किया कि वह सैंडोज़ थेवर समुदाय से हैं. जैसे ही वीडियो वायरल हुआ तो विवाद खड़ा हो गया जिसके बाद वन अधिकारियों को कार्रवाई करनी पड़ी.

एक टीम ने बालाकृष्णन के आवास पर छापा मारा और हिरण के सींगों का एक सेट भी बरामद किया. बाद में उनके पास से बाघ के पंजे की पेंडेंट वाली चेन जब्त की गई और बालाकृष्णन को गिरफ्तार कर लिया. वन अधिकारियों ने कहा कि हिरण के सींगों की पहचान चित्तीदार हिरण के रूप में की गई है, जबकि बाघ के पंजे को साइंटिफिक एनालिसिस के लिए भेजा जाना है. बालाकृष्णन को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था. ये अधिनियम वन्यजीवों को सुरक्षा प्रदान करने एवं अवैध शिकार, तस्करी और अवैध व्यापार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से बनाया गया है.

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