सरकारी फंड में हेराफेरी पूर्व सब पोस्ट मास्टर को जेल और जुर्माना
आरोप था कि 21 फरवरी 2019 से 24 अगस्त 2019 के दौरान आरोपी सब पोस्ट मास्टर डी. वेणु गोपाल नायडू ने बेईमानी और धोखाधड़ी से अपने अधिकार क्षेत्र के तहत सरकारी फंड से 47,95,000 रुपए निकाले और उनका गबन किया। इस तरह उन्होंने आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, खातों में हेराफेरी और एक सरकारी कर्मचारी द्वारा सरकारी फंड का आपराधिक गबन जैसे अपराध किए। जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 31 दिसंबर 2020 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। वहीं, ट्रायल के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया और उसी के अनुसार सजा सुनाई।
सीबीआई ने इस मामले में 1 फरवरी 2019 को केस दर्ज किया था। यह केस ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के तत्कालीन डिप्टी जनरल मैनेजर की शिकायत पर दर्ज हुआ था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मुरारी लाल मीणा ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने बेईमानी से बिना अधिकार के ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ जारी कर दिए। इससे बैंक में गिरवी रखी गई संपत्तियों को लोन बकाया होने के बावजूद रिलीज कर दिया गया। इस धोखाधड़ी के चलते बैंक को तीन लोन अकाउंट में कुल 12,14,660.71 रुपए का नुकसान हुआ।
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