स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूल में रहस्यमयी घटना! 3

भिलाई/ दुर्ग। CG NEWS: खम्हरिया स्थित प्रतिष्ठित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल (सेजेस) में एक रहस्यमयी और चिंताजनक घटनाक्रम ने पूरे इलाके को हिला दिया है। मात्र तीन दिनों के अंदर कक्षा 9वीं-ए (डे-शिफ्ट) की 8 छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ने के मामले सामने आए हैं। छात्राएं अचानक जोर-जोर से चीखने-चिल्लाने लगती हैं, उनके हाथ-पैर अकड़ जाते हैं, आंखों से आंसू बहने लगते हैं और कुछ देर बाद वे बेहोश हो जाती हैं। यह सिलसिला 9 जुलाई से शुरू हुआ और सोमवार तक जारी रहा।

पहली घटना 9 जुलाई को हुई, जब कक्षा 9वीं-ए की पांच छात्राएं एक साथ प्रभावित हुईं। वे चक्कर आने, बेहोश होने, बोलने में दिक्कत और शारीरिक अकड़न जैसी शिकायतों से जूझ रही थीं। तुरंत उन्हें शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां कुछ समय के इलाज के बाद उनकी हालत सामान्य हो गई। मेडिकल जांच में किसी गंभीर शारीरिक समस्या का पता नहीं चला।

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11 जुलाई को फिर दो छात्राओं में यही लक्षण दिखे। और सोमवार को दो और छात्राएं इसी तरह चीखती-चिल्लाती हुई बेहोश हुईं। एक छात्रा में सिकल सेल (सिकलिंग) की समस्या पाई गई, जबकि बाकी की सभी रिपोर्ट्स सामान्य आई हैं। स्कूल प्रबंधन और प्राचार्य सुनीता दीवान ने बताया कि यह समस्या केवल 9वीं-ए की डे-शिफ्ट की छात्राओं तक ही सीमित है। सुबह की शिफ्ट या अन्य कक्षाओं के छात्र-छात्राओं व शिक्षकों में ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। प्राचार्य ने कहा, “अधिकांश रिपोर्ट्स सामान्य हैं, इसलिए शुरुआती आकलन में यह मनोवैज्ञानिक कारणों से जुड़ा लग रहा है, लेकिन जांच चल रही है।”

जांच और एहतियाती कदम:
जिला शिक्षा विभाग ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। छात्राओं की काउंसलिंग के लिए मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है। एहतियात के तौर पर ९वीं-ए का पूरा कमरा बदल दिया गया है। स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, बच्चों का मनोबल बनाए रखें और स्कूल के साथ सहयोग करें। स्थानीय स्तर पर इस घटना ने अभिभावकों में चिंता और चर्चा का माहौल बना दिया है। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में छात्राओं की संख्या 8 से ज्यादा बताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक रिपोर्ट्स 8 मामलों की पुष्टि करती हैं।

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क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
ऐसी घटनाएं अक्सर सामूहिक तनाव, परीक्षा का दबाव, पर्यावरणीय कारकों या मनो-सामाजिक मुद्दों से जुड़ी होती हैं। शिक्षा विभाग जल्द ही अंतिम रिपोर्ट जारी करने वाला है। फिलहाल स्कूल सामान्य रूप से चल रहा है, लेकिन छात्राओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा रही है। यह मामला न सिर्फ स्कूल प्रशासन बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के शिक्षा जगत के लिए एक सबक है — बच्चों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी कितनी जरूरी है।`


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