Nandurbar Hostel Food Poisoning: महाराष्ट्र के नंदुरबार में सरकारी हॉस्टल में 40 बच्चे फूड पॉइजनिंग से पड़े बीमार, 5 की हालत नाजुक; मामले में जांच शुरू; VIDEO

Nandurbar Hostel Food Poisoning: महाराष्ट्र के नंदुरबार में सरकारी हॉस्टल में 40 बच्चे फूड पॉइजनिंग से पड़े बीमार, 5 की हालत नाजुक; मामले में जांच शुरू; VIDEO

(Photo Credits ANI)

Nandurbar Hostel Food Poisoning: महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है. शहादा स्थित समाज कल्याण विभाग के शासकीय वसतिगृह (हॉस्टल) में रात का भोजन करने के बाद लगभग 40 बच्चों को फूड पॉइजनिंग (अन्नातून विषबाधा) और गैस्ट्राइटिस की शिकायत हो गई है. इनमें से 25 बच्चों की तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें तुरंत अस्पताल में दाखिल कराया गया है. घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट पर है और जिला अधिकारी (DM) डॉ. मिताली सेठी खुद पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं.

25 बच्चे अस्पताल में भर्ती, 5 की हालत नाजुक

जिलाधिकारी मिताली सेठी ने मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि कुल 40 बच्चों में फूड पॉइजनिंग और गैस्ट्राइटिस के मिले-जुले लक्षण पाए गए हैं. इनमें से 25 बच्चों को शहादा के ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है.  यह भी पढ़े:  Andhra Pradesh Food Poisoning: आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में रोडसाइड स्टॉल से स्नैक्स खाना पड़ा भारी; 23 लोग अस्पताल में भर्ती, जांच शुरू

अस्पताल में उपचाराधीन बच्चों में से 20 की स्थिति सामान्य है, लेकिन 5 बच्चों में ऑक्सीजन और रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) की गंभीर समस्याएं देखने को मिलीं. इसके बाद उन 5 बच्चों को तुरंत आईसीयू (ICU) में शिफ्ट किया गया. राहत की बात यह है कि वर्तमान में सभी 25 बच्चों की स्थिति स्थिर बनी हुई है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं.

फूड पॉइजनिंग से 40 बच्चे पड़े बीमार

दोषियों पर तय होगी जवाबदेही

प्रशासन ने इस लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि हॉस्टल के हेडमास्टर (HM), समाज कल्याण अधिकारी और वार्डन की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

परिजनों में काफी रोष

घटनास्थल से भोजन के सैंपल और बीमार बच्चों के उल्टी (vomit) के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला (लैब) भेज दिए गए हैं. लैब से रिपोर्ट आने के बाद इस पूरी लापरवाही के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस टीम तैनात

हॉस्टल के बाहर और अस्पताल में बच्चों के माता-पिता की चिंताओं को दूर करने के लिए पुलिस टीम को तैनात किया गया है. प्रशासन और पुलिस विभाग मिलकर परिजनों के साथ समन्वय बिठा रहे हैं. इसके साथ ही प्रभावित बच्चों के माता-पिता के रहने और भोजन की समुचित व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है.

व्यवस्था सुधारने के लिए अगले दो महीने का प्लान

जिलाधिकारी मिताली सेठी ने हॉस्टल का व्यक्तिगत दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है. उन्होंने घोषणा की है कि अगले दो महीनों के भीतर इस वसतिगृह की सभी समस्याओं का पूरी तरह समाधान कर दिया जाएगा.

इसके लिए जिला कोष (डिस्ट्रिक्ट फंड) से अतिरिक्त धनराशि आवंटित की जाएगी. हॉस्टल की बुनियादी कमियों को दूर करने के लिए बच्चों के माता-पिता से भी सुझाव लिए जाएंगे. तंत्र को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए जिलाधिकारी स्वयं हर 15 दिन में इस व्यवस्था की समीक्षा (रिव्यू) करेंगी.




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