हॅाकी में 4 दशक का सूखा हुआ खत्म, पुरूष हॅाकी ने जीता पदक, देशभर में जश्न
Four decades of drought ended in hockey, men's hockey won a medal, celebration across the country
भारतीय पुरुष हॉकी टीम (Indian Men Hockey Team) ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में इतिहास रच दिया है. चार दशक के बाद टीम इंडिया को ओलंपिक का मेडल मिला है. देश के हीरो बने सभी खिलाड़ियों के घरों में इस वक्त जश्न का माहौल है. खिलाड़ियों के परिवार भावुक हैं और हर ओर से उन्हें बधाईयां मिल रही हैं. टीम इंडिया के खिलाड़ी सुरेंद्र के घर पर भी जश्न का माहौल है. सुरेंद्र की माता जी ने बताया कि कैसे बचपन में सुरेंद्र अपने भाई के साथ हॉकी खेलना शुरू किया था और बाद में इसपर हॉकी का भूत सवार हो गया.
टीम इंडिया का जोश बढ़ाने के लिए खिलाड़ियों के परिवार भी साथ हैं, जो सुबह से ही टीवी स्क्रीन के सामने बैठे रहे. टीम इंडिया की दीवार यानी गोलकीपर श्रीजेश का परिवार सुबह से ही टीवी के सामने जमा रहा और ब्रॉन्ज़ मेडल के लिए हॉकी टीम को लड़ते हुए देखा.
मणिपुर में टीम इंडिया के खिलाड़ी नीलकंत शर्मा का पूरा परिवार और रिश्तेदार भी सुबह-सुबह भारत का अहम मुकाबला देखते हुए नज़र आए. पंजाब में गुरजंत सिंह का परिवार भी गुरुवार सुबह से ही अपने बेटे का मैच देख रहा है. परिवारवाले खुश हैं कि टीम इंडिया आज इस मुकाम पर पहुंच पाई है. गौरतलब है कि टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारतीय ह़ॉकी टीम इतिहास रच रही है, फिर चाहे वो पुरुष टीम हो या फिर महिला हॉकी टीम. कई दशकों के बाद दोनों टीमें सेमीफाइनल में पहुंचीं. दोनों ही टीमें सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ़ पाईं लेकिन मेडल के लिए जंग जारी है और दशकों बाद देश में हॉकी के लिए ऐसा उत्साह पैदा हुआ है.




