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नेता प्रतिपक्ष का बेटा रेप मामले में बरी, भाजपा ने कहा बदलापुर वाली कांग्रेस के मंसूबे ध्वस्त

नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल के बेटे पलाश चंदेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. दुष्कर्म, एससी-एसटी एक्ट समेत कई आरोपों को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. जांच रिपोर्ट के अध्ययन के बाद कोर्ट ने माना कि मामले में कोई अपराध नहीं बनता है. यह फैसला जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच ने सुनाया. इधर इस मामले में फैसला आने के बाद भाजपा मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी ने ट्वीट कर कहा कि बदलापुर वाली कांग्रेस का असली चेहरा अब सामने आ गया है पलाश चंदेल का मामला हो फिर रमन सिंह और संबित पात्रा पर कराई गई एफआईआर के रद्द होने का मामला कहीं भी कांग्रेस का मंसूबा सफल नहीं हो पाया।

यह मामला आदिवासी महिला से दुष्कर्म की शिकायत का है. 19 जनवरी को जांजगीर में कार्यरत एक आदिवासी महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था और रायपुर में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. इस मामले में 23 अगस्त को सुनवाई पूरी हुई थी. फैसले को सुरक्षित रखा गया था. हाईकोर्ट ने इस मामले की FIR एवं जांच निरस्त करने का आदेश जारी किया है.

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, महिला ने नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल के बेटे पलाश चंदेल पर दुष्कर्म का आरोप लगाकर रायपुर के महिला थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी. पीड़िता जांजगीर चांपा जिले की रहने वाली है. आरोप है कि पलाश और पीड़िता की दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी. 2018 के बाद दोनों के बीच दोस्ती और गहरी हुई. आरोप है कि इसके बाद पलाश ने शादी का झांसा देकर पीड़िता से लगातार संबंध बनाए. आरोप है कि वर्ष 2021 में जब पीड़िता गर्भवती हो गई तो गर्भपात की दवा देकर उसके बच्चे का गर्भपात करा दिया. इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई. इसके बाद पीड़िता ने पलाश के खिलाफ शिकायत की. मामला जांजगीर चांपा का होने के कारण पलाश चंदेल के खिलाफ रायपुर में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी और रायपुर पुलिस ने जांजगीर चांपा पुलिस को केस भेज दिया था.

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