आवेदन नहीं दौड़ाएंगे-समाधान शिविर ने बदली प्रशासनिक तस्वीर: खाद्य मंत्री बघेल

पहला चरण
8 से 11 अप्रैल तक आयोजित हुआ, जिसमें जिलेभर से 1,40,780 आवेदन समाधान पेटियों के माध्यम से प्राप्त हुए थे। अब दूसरे चरण में इन आवेदनों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जा रहा है। नांदघाट क्लस्टर में प्राप्त 4,000 से अधिक आवेदनों का शिविर में समाधान किया गया। मौके पर ही राशन कार्ड से जुड़ी 15 समस्याओं का निपटारा 15 मिनट में किया गया-चाहे वह नाम जोड़ना हो या सुधार। यह व्यवस्था दर्शाती है कि अब लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।शिविर में मगरघटा, तरपोंगी, सेमरिया, खपरी, मुर्रा, एरमशाही, टोहड़ी, केशला, मेंहना, इटई, कुंरा, मल्दा, धोबघट्टी सहित 14 ग्रामों से बड़ी संख्या में ग्रामीणजन पहुँचे। समस्याओं का समाधान मौके पर संबंधित विभागों द्वारा किया गया, साथ ही योजनाओं की जानकारी साझा की गई।’ ’मंत्री दयालदास बघेल ने विभिन्न विभागों द्वारा राशन कार्ड, नोनी सुरक्षा पासबुक, आयुष्मान ‘वय वंदना’ कार्ड, महिला-बाल विकास योजनाओं के प्रमाण पत्र, पोषण किट,आदि हितग्राहियों को वितरित किए गए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रह्लाद रजक,जिला पंचायत सभापति अंजू बघेल, सीईओ टेकचंद्र अग्रवाल, अपर कलेक्टर अनिल बाजपेयी, एसडीएम दिव्या पोटाई सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति थे।’
बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रहे सुशासन तिहार की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अभियान “सरकार आपके द्वार” की भावना को साकार कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक संबल तथा 18 लाख आवासों की स्वीकृति जैसी योजनाएं जनकल्याण को समर्पित हैं। उन्होंने कहा छोटी छोटी समस्याओं, मांग व शिकायत संबंधी निराकरण के लिए आवेदनकर्ता को और न आवेदन दौड़ायेंगे (दप्तरोंके चक्कर) नहीं काटने होंगे। स्वयं अधिकारी आवेदनों के संबंध में स्वय शिविर में जानकारी दे रहे है। यानी समाधान शिविर ने बदली प्रशासनिक तस्वीर बदल गयी है। हर गरीब का सरकारी योजना का लाभ दिलाना सरकार का काम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इसे पूरा कर रहे है।
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