राज्यपाल रमेन डेका से लोकभवन में दिल्ली के युवाओं ने किया संवाद

खान-पान का जायका
लेते है और पर्यटन स्थलों का भ्रमण करते हैं। इस कड़ी में दिल्ली के विभिन्न महाविद्यालयों में अध्ययनरत युवा छात्र-छात्राओं को छत्तीसगढ़ का भ्रमण कराया जा रहा है। भ्रमण के दूसरे दिन ये विद्यार्थी लोकभवन पहुंचे थे। राज्यपाल ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि डिग्री लेकर निकलने के पश्चात हमें देश व समाज के बारे में सोचना चाहिए। जलवायु परिवर्तन और माइक्रो प्लास्टिक आज की सबसे बड़ी चुनौती हैं इससे निपटने के लिए युवाओं को सहयोग करना होगा।श्री डेका ने कहा कि हमारे जीवनशैली को आधुनिक बनाने में साइंस का महत्वपूर्ण योगदान है। इसका उपयोग मानवहित में होना चाहिए। आईआईटी जैसे संस्थान देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमारे शिक्षा संस्थानों पर हमारी समृद्ध संस्कृति और विरासत को सहेजने की जिम्मेदारी है। इस तरह के मेल-जोल के कार्यक्रम से व्यक्तित्व का विकास होता है। श्री डेका ने सभी विद्यार्थियों के छत्तीसगढ़ आगमन पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि आप दिल्ली की हलचल भरी सड़कों से निकलकर छत्तीसगढ़ की हरी-भरी, वन-संपदा से समृद्ध, आदिवासी परंपराओं और लोक संस्कृति से सराबोर भूमि पर पधारे हैं। यह केवल एक भौगोलिक यात्रा नहीं है। यह भारत की आत्मा को समझने की यात्रा है। यह एक भारत के संकल्प को श्रेष्ठ भारत के स्वप्न में रूपांतरित करने की यात्रा है। हमारे देश की सबसे बड़ी शक्ति यही है कि यहां एक ही धरती पर सैकड़ों भाषाएं बोली जाती हैं। दर्जनों पर्व मनाए जाते हैं, असंख्य परंपराओं के बाद भी हम सब एक हैं। यही विविधता में एकता हमारे गणतंत्र की सच्ची पहचान है।
विद्यार्थियों ने उनकी
जीवन यात्रा से संबंधित प्रश्न भी पूछे। युवा विद्यार्थी जो देश की सेवा करना चाहते है उनके लिए श्री डेका ने कहा कि अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुनकर कार्य करें। इस अवसर पर आई.आई.टी. भिलाई के डायरेक्टर राजीव प्रकाश ने युवा संगम कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। इस अवसर पर राज्यपाल की विधिक सलाहकार सत्यभामा दुबे, उप सचिव निधि साहू, आई.आई.टी. भिलाई के नोडल अधिकारी डॉ. कृष्णामूर्ति, समन्वयक एवं अधिकारियों सहित दिल्ली राज्य से आये हुए युवा विद्यार्थी उपस्थित थे।Source link




