Thane Amazon Data Centre Protest: ठाणे के बलकुम में अमेज़न के 53 एकड़ डेटा सेंटर प्रोजेक्ट का विरोध, सैकड़ों लोगों ने किया प्रदर्शन

Thane Amazon Data Centre Protest: ठाणे के बलकुम में अमेज़न के 53 एकड़ डेटा सेंटर प्रोजेक्ट का विरोध, सैकड़ों लोगों ने किया प्रदर्शन

Thane Amazon Data Centre Protest: महाराष्ट्र के ठाणे शहर के बलकुम इलाके में शनिवार को प्रस्तावित 53 एकड़ के Amazon डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के खिलाफ सैकड़ों स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया. ‘Wake Up Thanekar’ अभियान के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में लोगों ने परियोजना के पर्यावरण, पानी, बिजली और स्थानीय बुनियादी ढांचे पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर गंभीर चिंता जताई.

पानी, बिजली और शोर प्रदूषण को लेकर लोगों की चिंता

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों का दावा है कि प्रस्तावित डेटा सेंटर को प्रतिदिन करीब 1.2 करोड़ लीटर (12 मिलियन लीटर) पानी और बड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होगी. स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे आसपास के इलाकों में जल और बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है. इसके अलावा निवासियों ने आशंका जताई कि डेटा सेंटर के संचालन के दौरान 90 डेसिबल तक शोर हो सकता है, जिससे आसपास मौजूद स्कूलों, अस्पतालों और रिहायशी इलाकों के लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है.

 

ठाणे: बालकुम के निवासियों ने अमेज़न डेटा सेंटर के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया

ठाणे में प्रस्तावित अमेज़न डेटा सेंटर के ख़िलाफ़ ज़बरदस्त विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया है

 

Amazon ने क्या कहा?

विरोध के बीच Amazon की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रस्तावित डेटा सेंटर सभी वैधानिक मंजूरियों और पर्यावरणीय नियमों का पालन करता है. कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना के लिए स्थानीय बिजली वितरण नेटवर्क से बिजली नहीं ली जाएगी, बल्कि एक समर्पित हाई-वोल्टेज सबस्टेशन के माध्यम से बिजली की आपूर्ति होगी.

पानी के उपयोग को लेकर Amazon ने कहा कि उसके भारत स्थित डेटा सेंटरों में पीने योग्य पानी का उपयोग कूलिंग के लिए नहीं किया जाता. कंपनी ने यह भी दावा किया कि भारत में उसके संचालन ‘Water Positive’ हैं. पेड़ों की कटाई के आरोपों पर Amazon का कहना है कि आवश्यक कानूनी अनुमति के बाद ही पेड़ हटाए गए हैं और इसकी भरपाई के लिए अतिरिक्त स्थानीय प्रजातियों के पेड़ लगाए जा रहे हैं.

राजनीतिक हस्तक्षेप भी शुरू

इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है. ठाणे के सांसद नरेश म्हस्के ने परियोजना के निर्माण कार्य पर फिलहाल रोक लगाने की मांग की है. उन्होंने परियोजना से संबंधित सभी मंजूरियों की स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति से जांच कराने और स्थानीय नागरिकों की चिंताओं पर सार्वजनिक सुनवाई आयोजित करने की मांग भी की है. स्थानीय हाउसिंग सोसायटियों और पर्यावरण समूहों का कहना है कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में इस तरह की परियोजना पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए और पूरे मामले में अधिक पारदर्शिता बरती जानी चाहिए.




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