मणिपुर कैबिनेट ने 3.5 लाख SHG महिलाओं के लिए 10,000 रुपये की ग्रांट को दी मंज़ूरी

इंफाल: मणिपुर कैबिनेट ने शुक्रवार को ‘महिला सशक्तिकरण (WE) – मणिपुर’ योजना को लागू करने की मंज़ूरी दी। इस योजना के तहत, मान्यता प्राप्त स्वयं-सहायता समूहों (SHGs) की 3.5 लाख महिला सदस्यों को पहले साल में 10,000 रुपये का अनुदान मिलेगा और उसके बाद दूसरे और तीसरे साल में बिना ब्याज के लोन मिलेगा।

ये फ़ैसले बाबूपाड़ा में मुख्यमंत्री सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में लिए गए। महिला सशक्तिकरण योजना के तहत, हर पात्र महिला को पहले साल में अनुदान के तौर पर 10,000 रुपये मिलेंगे। दूसरे और तीसरे साल में बिना ब्याज के लोन दिए जाएंगे। राज्य सरकार समय आने पर इस योजना को लागू करने के लिए विस्तृत गाइडलाइंस और नोटिफ़िकेशन जारी करेगी।

कैबिनेट ने आने वाले विधानसभा सत्र में ‘मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (10वां संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश करने को भी मंज़ूरी दी। इसके अलावा, उसने ‘मणिपुर नगर और ग्राम नियोजन अधिनियम, 1975 (छठा संशोधन)’ को भी आने वाले विधानसभा सत्र में पेश करने के लिए एक विधेयक के रूप में मंज़ूरी दी। इस संशोधन का मकसद राष्ट्रीय डीरेगुलेशन पहलों और ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ सुधारों के अनुरूप मास्टर प्लान तैयार करने की अवधि के दौरान निर्माण गतिविधियों को सक्षम बनाना है।

कैबिनेट ने आने वाले विधानसभा सत्र में ‘भारतीय स्टाम्प (मणिपुर संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश करने को भी मंज़ूरी दी। प्रस्तावित संशोधन का मकसद दशकों पुरानी स्टाम्प ड्यूटी दरों में बदलाव करना है, जिनमें लंबे समय से कोई बदलाव नहीं हुआ है, और राज्य के लिए राजस्व जुटाना है। कैबिनेट ने ‘मणिपुर सार्वजनिक सेवा वितरण गारंटी नियम, 2026’ के मसौदे को मंज़ूरी दी, जिसका मकसद सार्वजनिक सेवा वितरण को ज़्यादा पारदर्शी और समय-सीमा के भीतर पूरा होने वाला बनाना है।

प्रस्तावित नियमों की मुख्य विशेषताओं में ऑनलाइन आवेदन जमा करना, प्रोसेसिंग और ट्रैकिंग, ऑटो-अपील और ऑटो-एस्केलेशन सिस्टम, राज्य डैशबोर्ड के ज़रिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग और देरी वाले मामलों की ऑटोमैटिक फ़्लैगिंग शामिल हैं।कैबिनेट ने ‘मेधावी खिलाड़ियों के लिए मणिपुर पुलिस विशेष भर्ती योजना, 2026’ को भी सैद्धांतिक मंज़ूरी दी।यह योजना मणिपुर पुलिस के तहत ग्रुप ‘C’ और ग्रुप ‘D’ पदों पर सीधी भर्ती में खिलाड़ियों के लिए तय 5 प्रतिशत आरक्षण के तहत मेधावी खिलाड़ियों की भर्ती, विकास, उन्हें बनाए रखने और उनकी तैनाती के लिए एक व्यवस्थित सिस्टम प्रदान करेगी। इस प्रस्तावित योजना के तहत, मणिपुर पुलिस में ग्रुप ‘C’ और ग्रुप ‘D’ के पदों पर पहले से मौजूद 5 प्रतिशत स्पोर्ट्स रिज़र्वेशन (खेल कोटे) के तहत होनहार खिलाड़ियों की भर्ती की जाएगी।

सरकार उन खेलों को प्राथमिकता देगी जिनमें मेडल जीतने की क्षमता साबित हो चुकी है। इनमें वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग, हॉकी, जूडो, ताइक्वांडो, फेंसिंग, साइक्लिंग, तीरंदाजी, फुटबॉल, सेपक टकरा, वुशु, कैनोइंग और कायाकिंग/रोइंग, डाइविंग, जिम्नास्टिक्स और एथलेटिक्स शामिल हैं।हर खेल की ज़रूरतों का आकलन करने और भर्ती के प्रस्तावों की सिफारिश करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल असेसमेंट कमेटी बनाई जाएगी।

इस योजना में एक पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया के ज़रिए योग्य खिलाड़ियों को चुनने के लिए स्पेशल रिक्रूटमेंट ड्राइव (विशेष भर्ती अभियान) चलाने का भी प्रावधान है। साथ ही, इसमें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए मणिपुर पुलिस स्पोर्ट्स टीमें और राज्य की टीमें बनाने और उन्हें मज़बूत करने की भी योजना है। खिलाड़ियों को तय पुलिस यूनिट या बटालियन के साथ जोड़ने का भी प्रावधान किया जाएगा ताकि उन्हें अच्छी कोचिंग और तैयारी की सुविधा मिल सके। इस योजना में खिलाड़ियों को लंबे समय तक करियर के अवसर देने के साथ-साथ नियमित पुलिस कर्मियों के प्रमोशन के मौकों को सुरक्षित रखने के लिए एक व्यवस्थित ‘वीनिंग-आउट’ (धीरे-धीरे अलग करने) और ‘री-डिप्लॉयमेंट’ (फिर से तैनात करने) का सिस्टम भी होगा।


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