अंतर-राज्यीय कोकीन तस्करी नेटवर्क के खिलाफ NCB की कार्रवाई, 7 आरोपी गिरफ्तार

Thiruvananthapuram. तिरुवनंतपुरम। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की कोचीन जोनल यूनिट ने एक अंतर-राज्यीय कोकीन तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें यूएई से डिपोर्ट किए गए 3 लोग और 2 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इसके साथ ही कुल 33.1 ग्राम कोकीन जब्त की गई, जिसकी कीमत 16,55,000 रुपए है। ड्रग्स से जुड़े अपराधों के कारण यूएई से डिपोर्ट किए गए कुछ लोगों के बारे में मिली पक्की जानकारी के आधार पर एनसीबी उनकी गतिविधियों और बेंगलुरु व केरल के बीच चल रहे ड्रग तस्करी नेटवर्क के साथ उनके संबंधों पर नजर रख रही थी।

10 सितंबर को एनसीबी की कोचीन जोनल यूनिट ने कोझिकोड के फारोक रेलवे स्टेशन पर पंजाब के कपूरथला निवासी गुरप्रीत सिंह, कोझिकोड के बेपोर (एन) निवासी हमदान अहमद और कोझिकोड के अरक्किनार निवासी अफलाह पी को रोका और 8.12 ग्राम कोकीन के साथ गिरफ्तार किया। शुरुआती पूछताछ से पता चला कि यह ड्रग्स बेंगलुरु से मंगाई गई थी।

पूछताछ में सिद्धार्थ दामोर की भूमिका का भी पता चला, जिसे 10 सितंबर को तिरुवनंतपुरम से कोझिकोड जाते समय रोका गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। सिद्धार्थ दामोर केरल में पार्टी सीन से जुड़े एक उभरते हुए डीजे हैं और ऊटी, नीलगिरि (तमिलनाडु) में एक रिसॉर्ट के मालिक भी हैं। सिद्धार्थ दामोर से आगे की पूछताछ के बाद एनसीबी अरुण राजकुमार तक पहुंची, जिसकी पहचान नेटवर्क में एक मुख्य मददगार के तौर पर हुई। इसके बाद अरुण राजकुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

बेंगलुरु में रहने वाले और आईटी सेक्टर में काम करने वाले तमिल मूल के अरुण राजकुमार के बारे में पता चला कि वह कुछ विदेशी नागरिकों से कोकीन लेता था और उसे दूसरे ड्रग बेचने वालों और ग्राहकों तक पहुंचाने में मदद करता था। सिद्धार्थ दामोर और अरुण राजकुमार से हुई पूछताछ के आधार पर एनसीबी ने कोकीन तस्करी नेटवर्क में दो विदेशी नागरिकों की भूमिका का पता लगाया। इसी क्रम में नाइजीरिया की नागरिक चिजोबा हेलेन एंथनी (उर्फ सोनिया), जो मेडिकल अटेंडेंट वीजा पर भारत आई थीं और पिछले 10 वर्षों से बिना वैध वीजा के रह रही थीं, और जिम्बाब्वे के नागरिक मुफुकारे विटालिस टडिसवानाशे, जो स्टूडेंट वीजा पर भारत आए थे और पिछले दो वर्षों से बिना वैध वीजा के रह रहे थे, को 12 और 13 सितंबर को बेंगलुरु से पकड़ा गया। उनके पास से 16 ग्राम और 8.98 ग्राम कोकीन बरामद की गई।

पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि सिद्धार्थ डामोर, हमदान अहमद और अफलाह पी को भारत वापस भेजे जाने से पहले यूएई में ड्रग्स से जुड़े अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था और जेल में रखा गया था। जेल में रहने के दौरान, अफलाह, गुरप्रीत और सिद्धार्थ एक-दूसरे के करीबी संपर्क में आए और बाद में उन्होंने ड्रग्स की तस्करी का एक मजबूत नेटवर्क बनाने की कोशिश की। वहीं, नेटवर्क की बाकी कड़ियों का पता लगाने, उन्हें तोड़ने और तस्करी की पूरी चेन को खत्म करने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।


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