Ambernath News: अंबरनाथ में कांग्रेस को बड़ा झटका, गठबंधन विवाद के बाद पार्टी से निकाले गए 12 नगरसेवक BJP में शामिल

Ambernath News: अंबरनाथ में कांग्रेस को बड़ा झटका, गठबंधन विवाद के बाद पार्टी से निकाले गए 12 नगरसेवक BJP में शामिल

@RaviDadaChavan

Congress’ 12 Expelled Councillors Join BJP: अंबरनाथ में कांग्रेस को बड़ा झटका lलगा है. अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव के बाद भाजपा के साथ हाथ मिलाने के आरोप में कांग्रेस द्वारा निलंबित किए गए सभी 12 नवनिर्वाचित नगरसेवकों ने बुधवार देर रात औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली. महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने पार्टी कार्यालय में इन पार्षदों का स्वागत किया और इसे ‘विकास की राजनीति’ का हिस्सा बताया.

विकास के नाम पर बदला पाला

बीजेपी कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रवींद्र चव्हाण ने कहा कि इन नगरसेवकों का भाजपा में आना सत्ता का लालच नहीं, बल्कि विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता है. चव्हाण ने कहा, “जनता ने इन पार्षदों को विकास के वादे पर चुना था। वे हमारे साथ इसलिए आए हैं क्योंकि राज्य सरकार गतिशील तरीके से काम कर रही है और लोगों को न्याय दिलाने में सक्षम है. यह भी पढ़े: Vasai Virar Municipal Polls: वसई-विरार नगर पालिका चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ी, जानें कैसे डालें वोट? VVCMC ने ‘मल्टी मेंबर वार्ड सिस्टम’ को लेकर VIDEO पोस्ट कर बताया तरीका

कांग्रेस की अनुशासन की कार्रवाई और निलंबन

इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस के इन 12 पार्षदों ने राज्य नेतृत्व को सूचित किए बिना अंबरनाथ में भाजपा के साथ गठबंधन कर ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ (AVA) बना लिया.

इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) ने इसे पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करार दिया। प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सकपाल के आदेश पर ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप पाटिल समेत सभी 12 नगरसेवकों को निलंबित कर दिया गया और स्थानीय ब्लॉक कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया.

अंबरनाथ नगर परिषद का गणित

हाल ही में संपन्न हुए 60 सदस्यीय अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। चुनाव परिणाम कुछ इस प्रकार रहे:

  • शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट): 27 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी)

  • भाजपा: 14 सीटें

  • कांग्रेस: 12 सीटें

  • एनसीपी (अजीत पवार गुट): 4 सीटें

  • निर्दलीय: 3 सीटें

एकनाथ शिंदे के गढ़ में उन्हें सत्ता से बाहर रखने के लिए भाजपा, कांग्रेस और एनसीपी ने एक अप्रत्याशित गठबंधन बनाया। 14 भाजपा, 12 कांग्रेस, 4 एनसीपी और 1 निर्दलीय पार्षद के साथ इस गठबंधन की ताकत 31 हो गई, जो बहुमत के आंकड़े से एक अधिक है.

विचारधारा बनाम स्थानीय राजनीति

इस गठबंधन ने राज्य स्तर पर खलबली मचा दी है, क्योंकि भाजपा और कांग्रेस पारंपरिक रूप से कट्टर विरोधी हैं. जहां कांग्रेस ने अपने नेताओं पर कार्रवाई की, वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी स्थानीय स्तर पर हुए ऐसे ‘अप्राकृतिक’ गठबंधनों पर नाराजगी जताई है। हालांकि, स्थानीय नेताओं का तर्क है कि उन्होंने शहर को भ्रष्टाचार से मुक्त करने और बेहतर प्रशासन देने के लिए यह कदम उठाया है.




Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button