कड़वा मीठा बजट ; भूपेश बोले महंगाई और बेरोजगारों के लिए क्या प्रावधान ?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट 2023-24 पेश कर चुकी हैं। इस बजट में महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए कई एलान किए गए हैं। इस बार सबसे बड़ी बात यह रही कि नौ साल बाद टैक्स स्लैब में बदलाव की घोषणा की गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फाइनैंशल ईयर 2023-24 के लिए आम बजट पेश किया। इसमें उन्होंने आम करदाताओं से लेकर एमएसएमई तक के लिए कई राहतों का ऐलान किया। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट पर फोकस बनाए रखा गया। वित्त मंत्री ने कैपिटल एक्सपेंडिचर में 33 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान किया और बताया कि अगले वित्त वर्ष में फिस्कल डेफिसिट को घटाकर 5.9 प्रतिशत पर लाने का टारगेट है। हालांकि केंद्र को करीब 15.43 लाख करोड़ रुपये की ग्रॉस बॉरोइंग करनी होगी। वित्त मंत्री ने मंथली इनकम स्कीम और सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम को आकर्षक बनाने पर भी फोकस किया। आइए देखते हैं कि बजट 2023 की 5 खास बातें क्या रहीं?
पर्सनल इनकम टैक्स नियमों में बदलाव (Budget 2023: new income tax rules)
मौजूदा नियमों की बात करें तो लोगों को यह विकल्प मिलता है कि वे ओल्ड टैक्स रिजीम (Old tax regime) चुने और उसके मुताबिक टैक्स डिडक्शंन और टैक्स एग्जेम्पशंस का फायदा ले या फिर वह न्यू टैक्स रिजीम (New tax regime) चुने, जिसमें कॉमन टैक्स डिडक्शंस और टैक्स एग्जेम्पशंस नहीं मिलते। न्यू टैक्स रिजीम में करदाताओं को 70 डिडक्शंस और टैक्स एग्जेम्पशंस नहीं मिलते। इनमें एचआरए टैक्स एग्जेम्पशन, एलटीए टैक्स एग्जेम्पशन, 80 सी के तहत डेढ़ लाख रुपये तक के डिक्डक्शन भी शामिल होते हैं। अगले वित्त वर्ष के लिए ओल्ड टैक्स रिजीम में कोई बदलाव नहीं किया गया।
बजट 2023 में टैक्स रिबेट लिमिट (Budget tax rebate) बढ़ाई गई। अब तक ओल्ड और न्यू, दोनों तरह की टैक्स रिजीम में 5 लाख रुपये तक की नेट टैक्सेबल इनकम पर टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं होती है। लेकिन बजट 2023 के प्रस्तावों के मुताबिक, न्यू टैक्स रिजीम में सेक्शन 87 A के तहत रिबेट में बदलाव किया गया। अगले वित्त वर्ष में न्यू टैक्स रिजीम चुनने वाले लोगों के लिए टैक्स रिबेट की सीमा 7 लाख रुपये तक की हो जाएगी। 50 हजार रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को जोड़कर देखें तो 7.5 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स नहीं देना होगा।
बजट 2023 में बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट (Basic Exemption limit) बढ़ाई गई। ओल्ड टैक्स रिजीम में 60 साल से कम उम्र वालों के लिए बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट 2.5 लाख है। 60 साल से ऊपर और 80 साल से नीचे के लोगों के लिए यह लिमिट 3 लाख रुपये की है। वहीं 80 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट 5 लाख रुपये है। न्यू टैक्स रिजीम में अब तक बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट हर उम्र के लोगों के लिए ढाई लाख रुपये थी। बजट 2023 के प्रस्ताव के मुताबिक, अब अगले वित्त वर्ष के लिए न्यू टैक्स रिजीम में बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी जाएगी।
भूपेश बघेल बोले निर्मम बजट- महंगाई और बेरोजगारी पर कोई घोषणा क्यो नहीं
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए इस पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि इस बजट में न तो युवाओं के लिए कुछ है, न किसानों की आय को दोगुना करने की बात है, न महिलाओं के लिए कुछ है, न अनुसूचित जनजातियों के लिए और न ही अनुसूचित जातियों के लिए कुछ है. सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए इस निराशाजनक बजट में कुछ भी नहीं है, केंद्र सरकार बहुत ही निर्मम बजट लेकर आयी है. उन्होंने पूछा है कि क्या अब रेलवे को निजी हाथों में बेचने की तैयारी चल रही है.
सीएम भूपेश बघेल ने कहा- चुनावी बजट
सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि ये बजट केवल चुनाव को देखते हुए बनाया गया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस बजट में एक चीज चौंकाने वाली है. इसमें रेलवे के लिए 2 लाख 35 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है. क्या ये कर्मचारियों के लिए है, या नई भर्ती के लिए है, या ऐसा तो नहीं है कि जैसे एयरपोर्टों को बेचने से पहले सैकड़ों हजारों करोड़ नवीनीकरण के लिए लगा दिया गया और उसके बाद निजी हाथों में बेचा गया. इसी प्रकार की सोच तो नहीं है केन्द्र सरकार की. पहले चकाचक कर दिया जाए, फिर निजी हाथों में बेचा जा. सीएम भूपेश बघेल ने इसे ”निर्मला जी का निर्मम बजट” करार दिया है.




