रायपुर। प्रदेश में आरक्षण का मुद्दा गरमाया हुआ है. आरक्षण को लेकर आज कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में रणनीति बनाई गई. कांग्रेस अब आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर रायपुर में महारैली निकालेगी. राजीव भवन में आयोजित प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में हाथ से हाथ जोड़ो अभियान और कांग्रेस के महाअधिवेशन पर भी चर्चा की गई. कांग्रेस भवन में तय किया गया कि महारैली में इस बात का विरोध जताया जाएगा कि राजभवन द्वारा हस्ताक्षर के लिए आरक्षण संशोधन विधेयक रोककर रखा गया है।
बैठक में प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, सीएम भूपेश बघेल, पीसीसी चीफ मोहन मरकाम, मंत्री रवींद्र चौबे, कवासी लखमा, प्रभारी सचिव सप्तगिरि उल्का, फूलोदेवी नेताम समेत कार्यकारिणी के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद हैं. आपकों बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण देने वाले दो नये विधेयकों को सर्वसम्मति से पारित कर दिया है. इसे राज्यपाल को भेजा गया है. उनके हस्ताक्षर करने के बाद ही विधेयक अधिनियम बन जाएंगे. राज्यपाल के हस्ताक्षर के कारण ही यह विधेयक अटका हुआ है.
छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए आरक्षण) संशोधन विधेयक और शैक्षणिक संस्था (प्रवेश में आरक्षण) संशोधन विधेयक पारित हुआ है. इन दोनों विधेयकों में आदिवासी वर्ग-ST को 32%, अनुसूचित जाति-SC को 13% और अन्य पिछड़ा वर्ग-OBC को 27% आरक्षण का अनुपात तय हुआ है. सामान्य वर्ग के गरीबों को 4% आरक्षण देने का भी प्रस्ताव है. इसको मिलाकर छत्तीसगढ़ में 76% आरक्षण हो जाएगा




