NIA से जांच पर सियासत गर्म, डीजीपी के पत्र के बाद कांग्रेस-भाजपा में सियासी घमासान
रायपुर। बस्तर में भाजपा नेताओं की हत्या की जांच एनआईए से कराने के लिए डीजीपी के पत्र के बाद प्रदेश में सियासी वार पलटवार का दौर चल पड़ा है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि भाजपा को छत्तीसगढ़ पुलिस पर भरोसा नहीं था इसलिए हमनें एनआईए से जांच की मांग की है तो दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री डॅा रमन सिंह का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार इन हत्याओं की जांच से अपना पल्ला झाड़ना चाहती है इसलिए एनआईए को पत्र लिखकर जांच करवाने की सियासत कर रही है। बता दें कि छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में भारतीय जनता पार्टी के तीन जनप्रतिनिधियों की हत्या मामले में छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक ने एनआइए को पत्र लिखा है। छत्तीसगढ़ के डीजीपी ने एनआइए के महानिदेशक को पत्र लिखकर इस मामले की जांच की मांग की है।
बस्तर में हुई तीन जनप्रतिनिधियों की हत्या की जांच का अनुरोध –
मालूम हो कि बस्तर संभाग में विगत सप्ताह में तीन जनप्रतिनिधि की हत्या हुई थी। केंद्रीय सुरक्षा बल और राज्य पुलिस के प्रयास से विगत वर्षों में नक्सली उन्मूलन में सफलता मिली है। इससे नक्सलियों का इलाका लगातार सिकुड़ने से नक्सली बौखलाहट में हैं। इस वजह से बौखलाहट में नक्सली अब जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को निशाना बना रहे है।
भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के विरोध में धरना देंगे अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष –
इधर, भाजपा नेताओं की हत्या को लेकर पार्टी में खासा आक्रोश है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सांसद अरुण साव और नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल बस्तर में भाजपा कार्यकर्ताओं की लगातार हत्या के विरोध में 16 फरवरी को जगदलपुर में आयोजित पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के घेराव में शामिल होंगे। यहां धरना प्रदर्शन करके राज्य सरकार के खिलाफ भाजपा आक्रोश प्रकट करेगी।
प्रदेश भाजपा महामंत्री केदार कश्यप ने बताया कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार की शह पर षड़यंत्रपूर्वक, सुनियोजित तरीके से लक्ष्य करके भाजपा के नेताओं व कार्यकर्ताओं की हत्या किए जाने के विरोध में भाजपा ने बस्तर मुख्यालय जगदलपुर में रैली निकालने का निर्णय लिया है। 17 फरवरी को प्रदेश की 400 से अधिक सड़कें जाम की जाएंगी।




