Fact Check: ताजमहल पर पाकिस्तान के हमले का वायरल वीडियो निकला फर्जी, आगरा पुलिस ने किया खुलासा; FIR दर्ज (Watch Video)

Fact Check: ताजमहल पर पाकिस्तान के हमले का वायरल वीडियो निकला फर्जी, आगरा पुलिस ने किया खुलासा; FIR दर्ज (Watch Video)

Photo- @agrapolice/X

Taj Mahal Fire Fake Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ताजमहल को आग की लपटों में घिरा दिखाया गया है. इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि “पाकिस्तान ने ताजमहल पर हमला किया है.” लेकिन अब आगरा पुलिस ने इस वीडियो की सच्चाई सामने ला दी है. पुलिस के मुताबिक, यह वीडियो पूरी तरह फेक है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है. आगरा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ताजमहल में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है. वीडियो पूरी तरह से डिजिटल तरीके से जनरेट किया गया है और इसका मकसद केवल अफवाह फैलाना और जनता में डर का माहौल बनाना है.

पुलिस का कहना है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा रही है और वीडियो पोस्ट करने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स की पहचान की जा रही है.

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ताजमहल में आग का वायरल वीडियो निकला फर्जी

सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही झूठी खबरें

इस फर्जी वीडियो को कई अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट्स से शेयर किया गया है. वीडियो में दावा किया गया कि पाकिस्तान ने ताजमहल पर हमला कर दिया है, और इसे बड़ी घटना की तरह दिखाने की कोशिश की गई है. वीडियो में ताजमहल को जलता हुआ दिखाया गया है, जो कि पूरी तरह से एडिटिंग और AI की मदद से तैयार किया गया दृश्य है.

पुलिस ने की सख्त कार्रवाई की चेतावनी

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे इस तरह के झूठे और भ्रामक वीडियो को शेयर न करें. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह की अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. आगरा की साइबर सेल इस मामले की जांच कर रही है और जो भी व्यक्ति इस फर्जी कंटेंट को फैलाने में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

जनता को दी गई चेतावनी

आगरा पुलिस और प्रशासन ने लोगों से कहा है कि वे सोशल मीडिया पर दिख रहे हर वीडियो या खबर पर आंख बंद करके भरोसा न करें. अफवाह फैलाने वालों से सावधान रहें और कोई भी संदिग्ध वीडियो या मैसेज मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें.

AI टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग से बढ़ा खतरा

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल झूठ फैलाने के लिए किस तरह किया जा रहा है. जहां AI एक ओर तकनीकी तरक्की का जरिया है, वहीं गलत हाथों में इसका दुरुपयोग समाज में अफरातफरी मचाने के लिए किया जा सकता है.



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