गंगाजल राजनीति; रमन सिंह ने कहा शर्म करो कांग्रेसियों, कांग्रेस ने कहा था माफी मांगे
रायपुर – गंगाजल लेकर कसम खाने के मामले में अब सियासत गर्म होती जा रही है, कांग्रेस ने पत्रवार्ता लेकर शराब के मामले में गंगाजल की कसम नहीं खाने की बात कहते हुए जहां पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह से माफी मांगने की बात कही थी तो अब उल्टे रमन सिंह ने कांग्रेस से कहा है कि शर्म करो, 4 साल हो गए कसम खाए हुए लाखों महिलाएं शराब के मामले में आंदोलन कर रही हैं और कांग्रेस अब झूठ बोल रही है।
कल कांग्रेस संचार विभाग ने प्रदेश भाजपा पर भ्रम फैलाने का दावा किया। कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा के नेता प्रदेशभर घूम-घूम कर गंगाजल के नाम पर झूठ फैलाने का काम कर रहे है। गंगाजल सम्मान यात्रा निकालकर भाजपा द्वारा कांग्रेस के हर वायदे के लिये यह दुष्प्रचार किया जा रहा कि कांग्रेस ने गंगाजल लेकर वायदा किया था भाजपा के नेता बेशर्मी पूर्वक गंगाजल का नाम लेकर झूठ बोल रहे है।
इसी राजीव भवन के इसी पत्रकारवार्ता कक्ष में 2018 के विधानसभा चुनाव के पहले एक पत्रकारवार्ता में ”गंगाजल को साक्षी मानकर कांग्रेस के नेताओं ने संकल्प लिया था कि हमारी सरकार बनने पर किसानों का कर्जा माफ करेंगे“। यह संकल्प सिर्फ किसानों के कर्जामाफी का था।
इस पत्रकारवार्ता में उस समय के कांग्रेस के नेता आर.पी.एन सिंह तत्कालीन राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल, राष्ट्रीय प्रवक्ता राधिका खेरा, तत्कालीन कांग्रेस के मीडिया चेयरमेन शैलेष नितिन त्रिवेदी वर्तमान चेयरमेन सुशील आनंद शुक्ला, प्रवक्ता आर.पी. सिंह सहित कांग्रेस के प्रवक्तागण उपस्थित थे। इनमें से आर.पी.एन सिंह अब भाजपा में और जयवीर शेरगिल भी कांग्रेस में नहीं है।
गंगाजल लेकर कसम खाने या संकल्प लेने की नौबत क्यों आई? यह नौबत भी भाजपा के द्वारा फैलाये गये झूठ वायदे के कारण आई थी। भाजपा के आईटी सेल ने सोशल मीडिया में एक फर्जी पत्र वायरल किया था। जिसमें उस समय के प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन का फर्जी लेटर पैड था और तत्कालीन मीडिया विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी के हस्ताक्षर से बनाया गया था। इस फर्जी पत्र में कहा गया था कि किसानों की कर्जामाफी की बात घोषणा पत्र में जो है वह गलत है इस पर ज्यादा जोर नहीं देना है। भाजपा के इस फर्जी वादे को बेनकाब करने के लिये उक्त पत्रकारवार्ता लेना पड़ा था जिसमें सिर्फ कर्जामाफी की बाते हुई थी।




