सौम्या की जमानत पर सुनवाई पूरी…हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
बिलासपुर, मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद चर्चा में आई राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया की जमानत अर्जी पर सुनवाई लगातार जारी है. सोमवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है.छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के जस्टिस पी.सेम. कोशी के बेंच में मामले की सुनवाई हुई. सौम्या चौरसिया के वकील हर्षवर्धन ने जानकारी दी कि कोर्ट ने दोनों ही तरफ के सभी दलीलों को ध्यान से सुना है, वहीं सौम्या चौरसिया के पक्षकारों को जमानत मिलने की उम्मीद है.
मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव की जिम्मेदारी संभालने वाली सौम्या चौरसिया अपने कारनामों की वजह से खूब चर्चा में रही है. उनके जेल जाने के बाद से इस मामले में लगातार जमानत याचिका लगाई जा रही है. निचली अदालत में जमानत याचिका खारिज हो जाने के बाद आखिरकार सौम्या चौरसिया के वकीलों की एक टीम ने हाईकोर्ट में पूरी ताकत से बहस की और दलील दी है. इस मामले में पूर्व में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और सिद्धार्थ अग्रवाल ने भी पैरवी की थी. वहीं वकीलों का कहना है कि, सौम्या चौरसिया को जमानत मिले इसके लिए पूरी कोशिश की गई है . बता दें कि अब छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. बहरहाल सौम्या चौरसिया रायपुर जेल में है और उनकी रिहाई के रास्ते कठिन रहे हैं.
जेल में है सौम्या चौरसिया.?
मुख्यमंत्री सचिवालय में अपनी जिम्मेदारी संभालने वाली सौम्या चौरसिया इन दिनों जेल में है . उनके ऊपर मनी लांड्रिग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इसके अलावा कोयला की कमीशन के भी आरोप लगाए गए हैं .उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेहद करीबी और राज्य प्रशासनिक सेवा की महिला अधिकारी सौम्या ने कम समय में अपना काफी प्रभाव बना लिया था. सूत्रों की माने तो सौम्या चौरसिया का तकरीबन पांच सौ करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उनका नाम सामने आया था. इसी विषय को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने छापामार कार्रवाई की थी.




