Mann ki Baat: जहां कभी था माओवादी आतंक का अंधेरा, ऑपरेशन सिंदूर ने खुशी के दीप जलाए; प्रधानमंत्री मोदी

Mann ki Baat: जहां कभी था माओवादी आतंक का अंधेरा, ऑपरेशन सिंदूर ने खुशी के दीप जलाए; प्रधानमंत्री मोदी

PM Modi Samastipur Visit (Photo- ANI)

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रविवार को एक बार फिर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया है. इस बार उन इलाकों में भी खुशियों के दीप जलाए गए, जहां कभी माओवादी आतंक का अंधेरा छाया रहता था. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोग उस माओवादी आतंक का जड़ से खात्मा चाहते हैं जिसने उनके बच्चों का भविष्य संकट में डाल दिया था.

प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम की शुरुआत में त्योहारों का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने हाल ही में देशवासियों के नाम एक पत्र लिखा था, जिसमें देश की उपलब्धियों का जिक्र किया गया था, जिससे इस बार त्योहारों की रौनक और बढ़ गई है. इस पत्र के जवाब में देश के अनेक नागरिकों ने उन्हें संदेश भेजे हैं. उन्होंने कहा, “त्योहारों के इस अवसर पर मैंने आप सभी के नाम एक पत्र लिखकर अपनी भावनाएं साझा की थीं. मैंने चिट्ठी में देश की उन उपलब्धियों के बारे में बताया था, जिससे इस बार त्योहारों की रौनक पहले से ज्यादा हो गई है. मेरी चिट्ठी के जवाब में मुझे देश के अनेक नागरिकों ने अपने संदेश भेजे हैं.” यह भी पढ़ें : तेजस्वी यादव का ‘डबल धमाका’! स्वरोजगार वालों को ₹5 लाख का लोन, पंचायती राज प्रतिनिधियों को पेंशन और ₹50 लाख का बीमा

पीएम मोदी ने स्वदेशी सामानों की खरीदारी में आई जबरदस्त बढ़ोतरी पर खुशी जताई. उन्होंने कहा, “जीएसटी बचत उत्सव को लेकर भी लोगों में बहुत उत्साह है. इस बार त्योहारों में बाजारों में स्वदेशी सामानों की खरीदारी जबरदस्त तरीके से बढ़ी है. लोगों ने मुझे जो संदेश भेजे हैं, उसमें बताया है कि इस बार उन्होंने किन स्वदेशी चीजों की खरीदारी की है.” उन्होंने अपने पत्र में खाने के तेल में 10 प्रतिशत की कमी करने का आग्रह किया था. प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को बताया कि इस पर लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है.

छठ महापर्व पर पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले दीपावली मनाई गई और अब बड़ी संख्या में लोग छठ पूजा में व्यस्त हैं. घरों में ठेकुआ बन रहा है, घाट सज रहे हैं, बाजारों में रौनक है और हर तरफ श्रद्धा, अपनापन व परंपरा का संगम दिख रहा है. उन्होंने छठ व्रत रखने वाली महिलाओं के समर्पण और निष्ठा को प्रेरणादायक बताया.




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