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मोहन भागवत बोले – स्वर्गीय जूदेव ने हमें सिखाया कि धर्म और संस्कृति के लिए निर्भय होकर काम करना है

जशपुर
छत्तीसगढ़ के जशपुर में आज जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन किया गया था। जनजातीय गौरव दिवस में शामिल होने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत आज जशपुर पहुंचे। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। वही स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जशपुर के रणजीत स्टेडियम में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस सभा में शामिल हुए। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ-साथ पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह , भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव , नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल सहित अनेक बीजेपी नेता और आर एस एस कार्यकर्ता भी इस  कार्यक्रम में शामिल हुए।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा ” मेरे लिए बड़ा ही सौभाग्य का अवसर है कि आप लोगों के दर्शन हो जाते हैं। आजकल तो मैं नागपुर में हूं लेकिन मैं रहने वाला हु वनवासी जिला चंद्रपुर का हु। बचपन में तो बहुत ज्यादा शहर और वनवासी ग्रामीण यह भेद नहीं था आना-जाना चलता रहता था। इसलिए जब आप लोगों के बीच आता हूं तो लगता है मैं अपने घर आया हूं ऐसा मुझे लगता है। बचपन के उस मधुर जीवन में आया हु ऐसा लगता है। सहयोग की बात ऐसी है की आने का कोई योग नही बना था कुछ तय नहीं हुआ ऐसे ही अपने आप हो गया। जनजातीय गौरव दिवस भगवान बिरसा का जन्मदिन और स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के प्रतिमा का अनावरण यह दोनों बहुत जुड़ी हुई बातें है या इस सहयोग में जुड़ गई। स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव को मैं पहले से जानता हूं चार पांच बार कार्यक्रम में उनके साथ रहा हूं। स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव एक वीर प्रकृति के व्यक्ति थे। जनजातीय समाज के गौरव के लिए वो सदा खड़े रहे ऐसा मैंने उनको देखा है।वह इस काम को बड़ा पवित्र मानते थे। मैं उन्हें जानता हूं वह ऐसा कुछ नहीं बोलते तो भी वह आदिवासी वनवासियों के लिए परिश्रम करते रहते हैं क्योंकि अपने देश संस्कृति धर्म और देशवासियों को प्रति उनके मन में बहुत प्रेम था।
जनजातीय जीवन पद्धति हमारे भारतीय जीवन पद्धति का मूल्य है। जनजातीय सारे रीति रिवाज हमारे अनेक रीति रिवाज के मूल्य भारतवर्ष का मूल्य कृषि वनों से है। हमे अपने गौरव का चयन करना है गौरव पर पक्का रहना है। अपने देश धर्म संस्कृति समाज इसको मन में रखना है। यह हमारा मूल्य है उसे कटना नहीं है। हम तो हमारे भोलेपन का लाभ लेकर ठगने वाले दुनिया से बचना होंगे। हम मजबूत है तो कोई हमारा क्या कर सकता हैं। हमारे पास अपना गौरव है धर्म है अपना स्वाभिमान है। स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव और बिरसा मुण्डा ने हमें कैसे जीना है यह बताया है। हम वैसे ही दुनिया में अपना स्थान प्राप्त कर लेंगे। हमें अपने धर्म संस्कृति अपने देश के लिए निर्भय होकर चलना है में अनुरोध आप सबके सामने रखता हूं।

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