रायपुर। राजधानी के ऐतिहासिक बूढ़ातालाब का 40 करोड़ रुपए की लागत से कायाकल्प किया जा रहा है। अगले एक साल के अंदर तालाब के चारों ओर हरियाली के साथ जगमगाती लाइट, बच्चों-बड़ों के लिए विहार, मनोरंजन का साधन विकसित हो जाएगा। पहले से ही शहरवासियों व अन्य राज्यों से पहुंचने वाले लोगों के लिए ऐतिहासिक बूढ़ातालाब आकर्षण का केंद्र रहा है। इस ऐतिहासिक धरोहर को नगर निगम प्रशासन और सुंदर स्वरूप देने में जुटा है। नगर निगम स्मार्ट सिटी के अंतर्गत पूरे बूढ़ातालाब को राजधानी का सबसे आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इस पर विवाद की स्थिति उत्पन्न होने के बाद मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया। इस पर याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। इस याचिका पर शुक्रवार को सप्रे शाला और दानी स्कूल मैदान को छोटा कर ऐतिहासिक धरोहरों को खत्म करने तथा बगैर टेंडर के निर्माण कार्य कराए जाने की याचिका को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू की युगल पीठ ने शुक्रवार को खारिज कर दिया है।
स्मार्ट सिटी देगा तालाब को आकर्षक रूप बूढ़ातालाब सौंदर्यीकरण प्राजेक्ट के अंतर्गत तालाब को राजधानी का सबसे आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी स्मार्ट सिटी को सौंपी गई है। स्मार्ट सिटी तालाब के चारो ओर सुंदर बाउंड्रीवाल, स्ट्रीट लाइटें, फाउंटेन, पाथ-वे, वृक्षारोपण के साथ अन्य साधन व सुविधाएं विकसित करेगा।
स्कूल एरिए में भव्य खेल मैदान बनेगा
सप्रे शाला व दानी स्कूल प्रांगण के एरिया में अंतरराष्ट्रीय खेल मैदान विकसित किया जा रहा है। इससे राजधानी के खेल से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही दानी स्कूल को भी डेवलप किया जाएगा। यहां अत्याधुनिक क्लास के साथ अच्छी केमेस्ट्री भी बनाई जाएगी।
एक साल में हो जाएगा तैयार
हाईकोर्ट ने बूढ़ातालाब सौंदर्यीकरण पर रोक की याचिका को खारिज कर नगर निगम की जनता के पक्ष में फैसला दिया है। अब बगैर रोक टोक अगले एक साल में बूढ़ातालाब से लेकर सप्रे शाला व दानी स्कूल मैदान तक एक नया स्वरूप दिया जाएगा, जो राजधानी का सबसे बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में नजर आएगा। -