जहरीली शराब बेचने वालों को होगी फांसी की सजा, मप्र सरकार ने किया ऐलान
Those selling poisonous liquor will be hanged, MP government announced
मध्य प्रदेश में जहरीली शराब के कारोबार पर मृत्युदंड और आजीवन कारावास की सजा होगी। अवैध शराब पर सख्ती बरतते हुए आबकारी एक्ट में संशोधन की कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। सरकार विधानसभा के मानसून सत्र में बिल लेकर आएगी। बिल में कड़े प्रावधान किए जाएंगे। फिलहाल अभी 10 साल की सजा का ही प्रावधान है।
शिवराज सरकार की आज हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी हुई बताया कि आबकारी अमले पर हमले पर अब बिना वारंट के आरोपियों की गिरफ्तारी होगी। दूसरे राज्यों से आ रही अवैध शराब पर लगाम कसने सरकार संबंधित राज्यों से बात करेगी। इसके साथ ही नियम विरुद्ध काम करने पर डिस्टलरी पर भी कार्रवाई होगी।
हैरीटेज मदिरा को आबकारी एक्ट में नयी श्रेणी में लिया गया है। कैबिनेट ने 10 लाख के जुर्माने को बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया है। वहीं 1 साल की सजा को बढ़ाकर 10 साल तक की सजा का प्रावधान कर दिया गया है। अपमिश्रित शराब के मामले में 10 साल तक की सजा का प्रावधान होगा।
लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने एमएसएमई विकास निधि में प्रोत्साहन योजना में संशोधन को मंजूरी दे दी है।50 करोड़ तक के निवेश वाले प्लांट भी एमएसएमई के अंतर्गत आएंगे। अधिकतम 250 करोड़ के टर्न ओवर वाले प्लांट भी एमएसएमई के अंतर्गत आएंगे।
डायल 100 को साल 2027 तक के लिए कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। बीना रिफायनरी के कोविड अस्पताल को वित्तीय मंजूरी दी गई है। सिंगरौली के चितरंगी में नई आईटीआई के निर्माण के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की मुहर लग गई है। चित्रकूट यूनिवर्सिटी में कुलपति को कार्यपरिषद बोर्ड के अध्यक्ष बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है।


