निर्माणाधीन रेलवे सुरंग में बड़ा हादसा, 20 मीटर तक धंसी जमीन

नूंह: हरियाणा के नूंह जिले में निर्माणाधीन ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की सुरंग में बड़ा हादसा होने की जानकारी सामने आई है। यह घटना जिले के तावड़ू उपमंडल की सहसोला ग्राम पंचायत क्षेत्र में हुई है। इसी सुरंग के ऊपर करीब पांच दिन पहले लगभग 20 मीटर क्षेत्र में खेत की जमीन धंसने की घटना भी सामने आई थी। अब दोबारा हादसे की सूचना ने निर्माण कार्य और आसपास की जमीन की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नूंह जिले के तावड़ू उपमंडल में ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर का निर्माण कार्य चल रहा है। इसी परियोजना के तहत बनाई जा रही सुरंग में शनिवार को एक बड़े हादसे की सूचना मिली है। हालांकि, हादसे में किसी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की आधिकारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

बताया जा रहा है कि करीब पांच दिन पहले भी इसी सुरंग के ऊपर स्थित कृषि भूमि का एक हिस्सा धंस गया था। उस दौरान लगभग 20 मीटर क्षेत्र में जमीन धंसने की बात सामने आई थी। यह घटना निर्माणाधीन सुरंग के आसपास की जमीन की स्थिरता को लेकर महत्वपूर्ण सवाल पैदा करती है। सुरंग निर्माण के दौरान जमीन की मजबूती और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है। विशेष रूप से कृषि भूमि के नीचे सुरंग का निर्माण होने की स्थिति में जमीन के धंसने जैसी घटनाओं की तकनीकी जांच आवश्यक होती है।

सहसोला ग्राम पंचायत क्षेत्र में सामने आई इन घटनाओं के बाद यह जानना जरूरी हो गया है कि जमीन धंसने का वास्तविक कारण क्या था और निर्माण कार्य के दौरान किन सुरक्षा उपायों का पालन किया जा रहा था। हालांकि, पांच दिन पहले जमीन धंसने की घटना और शनिवार को सामने आए हादसे के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

निर्माणाधीन रेल कॉरिडोर जैसी बड़ी परियोजनाओं में श्रमिकों की सुरक्षा के साथ आसपास रहने वाले लोगों और किसानों की जमीन की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में भूगर्भीय परिस्थितियों और निर्माण की तकनीकी व्यवस्था का परीक्षण आवश्यक होता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि शनिवार को सुरंग के भीतर किस प्रकार की दुर्घटना हुई, कितना हिस्सा प्रभावित हुआ और मौके पर बचाव या तकनीकी जांच की क्या स्थिति है। इस घटना के बाद परियोजना से जुड़े अधिकारियों की विस्तृत जानकारी और आधिकारिक बयान का इंतजार है। जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक परिस्थितियां तथा जमीन धंसने के कारण स्पष्ट हो सकेंगे।


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