‘वोट चोरी’ के खिलाफ सोमवार को राहुल का प्रदर्शन

दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस सोमवार को फिर सड़क पर उतरने की तैयारी कर रही है। दिल्ली में चार दिन तक प्रदर्शन करने के बाद पार्टी ने विरोध जारी रखने का संकेत दिया है। कांग्रेस की मांग है कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियों की जवाबदेही तय की जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव सोमवार के प्रदर्शन की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

शनिवार को कांग्रेस के शीर्ष नेता अलग-अलग स्तर पर सक्रिय रहे। राहुल गांधी चेन्नई में छात्रों से संवाद कर रहे थे। वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इंटरनेट मीडिया के जरिए दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने तथा आवाजाही बाधित किए जाने का मुद्दा उठाया। राजधानी में आगामी प्रदर्शन की तैयारी की जिम्मेदारी संभाल रहे देवेंद्र यादव का ध्यान सोमवार के कार्यक्रम पर रहा।

कांग्रेस का विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उसके आरोपों पर केंद्रित है। पार्टी ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाते हुए जवाबदेही की मांग कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इसी मांग के साथ पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रही है। हालांकि चुनावी गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ संबंधी दावे कांग्रेस के आरोप हैं।

दिल्ली में लगातार चार दिन तक चले प्रदर्शन के बाद सोमवार को फिर विरोध की तैयारी बताती है कि पार्टी इस मुद्दे को आगे भी उठाने जा रही है। कांग्रेस के लिए एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया की जवाबदेही आगामी प्रदर्शन के मुख्य विषय हैं। पार्टी अपनी मांगों को सड़क पर प्रदर्शन और इंटरनेट मीडिया, दोनों माध्यमों से सामने रख रही है। शनिवार को नेताओं की गतिविधियों में भी यही दो स्तर दिखाई दिए—एक ओर सार्वजनिक संवाद हुआ, दूसरी ओर राजधानी के घटनाक्रम पर सवाल उठाए गए।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने इंटरनेट मीडिया पर दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का मुद्दा उठाया। आवाजाही बाधित किए जाने की बात भी उनके द्वारा उठाए गए विषयों में शामिल रही। इस तरह चुनाव प्रक्रिया से संबंधित कांग्रेस के विरोध के साथ अब प्रदर्शन के दौरान लोगों के आवागमन और हिरासत का मुद्दा भी जुड़ गया है। उपलब्ध विवरण में प्रियंका गांधी के संदेश का शब्दशः पाठ नहीं दिया गया है, लेकिन उनके द्वारा इन दोनों विषयों को उठाने की जानकारी है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इंटरनेट मीडिया पर दिल्ली के घटनाक्रम को सामने रखा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की हिरासत और आवाजाही में बाधा का मुद्दा उठाया। पार्टी अध्यक्ष और प्रियंका गांधी, दोनों की सक्रियता राजधानी में चल रहे विरोध से संबंधित रही। कांग्रेस की मूल मांग चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करना है। इसके साथ प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर भी पार्टी नेतृत्व अपनी बात रख रहा है।

राहुल गांधी शनिवार को चेन्नई में छात्रों से संवाद कर रहे थे। उनकी यह गतिविधि दिल्ली में सोमवार को होने वाले प्रदर्शन की तैयारियों से अलग स्थान पर चल रही थी। उपलब्ध जानकारी में छात्रों से बातचीत के विषयों का विस्तृत उल्लेख नहीं है। इसलिए इस संवाद में दिए गए किसी विशेष बयान को आगामी विरोध से नहीं जोड़ा जा सकता। शनिवार के घटनाक्रम में उनकी भूमिका चेन्नई में छात्र संवाद के रूप में सामने आई है।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने सोमवार के प्रदर्शन की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया। राजधानी में पार्टी के आगामी विरोध को लेकर उनकी सक्रियता स्थानीय संगठन की तैयारी से जुड़ी रही। प्रदर्शन कहां होगा, किस समय शुरू होगा और उसमें कौन-कौन नेता शामिल होंगे, इसका विवरण अभी नहीं दिया गया है। फिलहाल पार्टी के सोमवार को फिर सड़क पर उतरने की तैयारी और प्रदेश अध्यक्ष के इस काम पर केंद्रित रहने की जानकारी सामने आई है।

कांग्रेस की मांगों में दो बातें प्रमुख हैं। पहली, चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर जवाबदेही तय की जाए। दूसरी, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। एसआईआर और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर चार दिन के विरोध के दौरान पार्टी इन्हीं सवालों को उठा रही थी। अब सोमवार के प्रदर्शन की तैयारी के जरिए कांग्रेस अपने विरोध को आगे बढ़ा रही है। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब उपलब्ध विवरण में शामिल नहीं है।

राजधानी में प्रदर्शनकारियों की हिरासत और आवाजाही बाधित होने का मुद्दा आगामी राजनीतिक गतिविधियों की पृष्ठभूमि में बना हुआ है। प्रियंका गांधी और खरगे ने शनिवार को इसे इंटरनेट मीडिया पर उठाया, जबकि देवेंद्र यादव अगले प्रदर्शन की तैयारी में लगे रहे। इससे पार्टी नेतृत्व और दिल्ली संगठन की गतिविधियां एक ही विरोध अभियान के अलग-अलग हिस्सों के रूप में सामने आई हैं। हालांकि अगले कार्यक्रम के विस्तृत स्वरूप की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

चार दिन के प्रदर्शन के बाद कांग्रेस का अगला कदम सोमवार का प्रस्तावित विरोध है। पार्टी एसआईआर, कथित ‘वोट चोरी’ और चुनावी जवाबदेही की मांग को लेकर फिर सड़क पर उतरने की तैयारी कर रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी कायम है। शनिवार को शीर्ष नेताओं की अलग-अलग गतिविधियों के बीच दिल्ली प्रदेश संगठन ने आगामी प्रदर्शन पर अपना ध्यान केंद्रित रखा।


Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button