नेपाल में बारिश बनी आफत, बाढ़ और भूस्खलन से 21 लोगों की मौत

काठमांडू: नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। प्राकृतिक आपदा में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। कई इलाकों में घरों को नुकसान पहुंचा है और सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

नेपाल के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश जारी है। बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई जगहों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में लोगों की जान गई है। कई परिवार प्रभावित हुए हैं और बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं और लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है।

नारायणी नदी में पानी बढ़ने के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। नेपाल से निकलने वाली कई नदियों का असर भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी पड़ता है, जिसके चलते भारतीय क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाई गई है। नेपाल में खराब मौसम के कारण कई जगहों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। पहाड़ी इलाकों में सड़कों पर मलबा आने से आवाजाही बाधित हुई है। राहत कार्यों में जुटी टीमें प्रभावित इलाकों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।

भारत के सीमावर्ती राज्यों में भी बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। खासकर नेपाल से आने वाले पानी के कारण बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में संभावित प्रभाव को लेकर निगरानी की जा रही है।

आपदा की स्थिति को देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। नेपाल में बारिश का दौर जारी रहने से आने वाले समय में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों को तेज कर दिया है और प्रभावित इलाकों में जरूरी सहायता पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।


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