प्रगतिशील किसान वीरेंद्र साहू ने अपनाया फसल विविधीकरण

गेंदा फूल
की खेती करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि पिछले खरीफ सीजन में धान की खेती के दौरान अल्प वर्षा एवं बेमौसम बारिश के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ, जिससे आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। यही कारण है कि इस बार उन्होंने कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसल को चुना है। उन्होंने बताया कि गेंदा फूल की खेती का निर्णय कृषि विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में लिया गया है। इसके लिए उन्होंने कृषि विभाग से मृदा परीक्षण भी कराया है तथा समय-समय पर तकनीकी सलाह प्राप्त कर रहे हैं।उन्होंने ग्राम मोहड़ में पिछले वर्ष गेंदा फूल की सफल खेती देखकर प्रेरणा ली, जहां किसानों को अच्छी आय प्राप्त हुई थी। किसान वीरेन्द्र साहू ने बताया कि गेंदा फूल की मांग वर्षभर विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में बनी रहती है। निकटवर्ती दुर्ग जिले में इसका बड़ा बाजार उपलब्ध होने से किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने की संभावना रहती है। उनका विश्वास है कि गेंदा फूल की खेती से कम पानी, कम लागत और बेहतर मुनाफा प्राप्त होगा। उन्होंने अन्य किसानों से भी अपील की कि जल संकट की स्थिति को देखते हुए वे भी धान के साथ-साथ कम पानी वाली वैकल्पिक फसलों को अपनाने पर विचार करें। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ जल संरक्षण में भी मदद मिलेगी। किसान वीरेंद्र कुमार साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए 15 हजार रूपए की आदान सहायता राशि किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी और बेहद उत्साहवर्धक है। इससे अधिक से अधिक किसान फसल विविधीकरण की ओर प्रेरित होंगे और उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है।
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