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मंडी पुलिस ने परिवार से मिलाया पांच महीने से खोया बेटा

Market. मंडी। अकसर हम सडक़ों पर कई मानसिक रोगियों को घूमते हुए देखते हैं। वहीं कई ऐसे मानसिक रोगी हैं, जो वर्षों से सडक़ों पर ही दिन-रात काट रहे हैं। बहुत कम ऐसे लोग हैं, जिनकी घर वापसी हुई है। लेकिन पुलिस और प्रशासन चाहे तो इन लोगों की मदद समय पर की जा सकती है। ऐसा ही एक उदाहरण सदर पुलिस मंडी ने पेश किया है। शनिवार रात जब एक व्यक्ति सडक़ों पर घूमते हुआ मिला तो स्थानीय लोग उसे महिला पुलिस थाना ले गए। जहां से व्यक्ति को सदर थाना लाया गया। थाना पंहुचने पर पहले इस भूखे व्यक्ति को खाना खिलाया गया। उसके बाद जब प्रभारी देशराज द्वारा उससे उसका नाम पुछा, तो उसने अपना नाम प्रकाशा बताया। काफी देर तक बातचीत करने के बाद प्रकाशा को हरियाणा का पाई नाम याद आया तो पुलिस टीम ने इस नाम का पता
किया।
जानकारी जुटाने पर पाई एक गांव का नाम निकला जो हरियाणा के कैथल जिला में है। सदर पुलिस ने संबंधित थाना से पता किया और प्रकाशा की मां का फोन नंबर लिया। जब मां बात हुई तो पता चला कि प्रकाशा मानसिक रूप से बीमार है और पिछले पांच महीनों से घर से गायब है। अकेली मां ने बेटे को तलाशने के लिए खूब जोर लगाया लेकिन बेटा नहीं मिला। मां बेटे से मिलने की आस खो चुकी थी। इस दौरान सदर थाना मंडी से आए फोन ने मां के आंखों में खुशी के आंसू ला दिए। घर पर केवल दो ही लोग मां-बेटा हैं। मां ने बहन के बेटे का फोन लगवाया और उसे मंडी भेजा। शाम के समय प्रकाशा के मासी का बेटा समशेर, पुत्र रामफ ल, गांव व डाकघर पाई, तहसील पुंडरी, जिला कैंथल, हरियाणा मंडी सदर थाना पंहुचा और अपने भाई को साथ ले गया। 42 वर्षीय प्रकाशा पुत्र धर्मपाल, गांव व डाकघर पाई, तहसील पुंडरी, जिला कैंथल, हरियाण पिछले महीनों से मंडी में ही रह रहा था और सडक़ों पर रातें काट रहा था। सदर पुलिस ने मानवीयता का परिचय देते हुए मां को एक बेटा वापस दिलवाया है।




