गुजरात ATS की बड़ी कार्रवाई: नवसारी से संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार; टारगेट किलिंग और ऑनलाइन कट्टरपंथ की साजिश का खुलासा

गुजरात ATS की बड़ी कार्रवाई: नवसारी से संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार; टारगेट किलिंग और ऑनलाइन कट्टरपंथ की साजिश का खुलासा

प्रतीकात्मक तस्वीर (File Photo/ANI)

अहमदाबाद: गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड  (Gujarat Anti-Terrorist Squad) (ATS) ने मंगलवार को एक बड़ी आतंकी साजिश का भंडाफोड़ करते हुए नवसारी जिले (Navsari District) से 22 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों के मुताबिक, पकड़ा गया संदिग्ध ऑनलाइन कट्टरपंथ (Online Radicalisation) का शिकार था और चुनिंदा लोगों की ‘टारगेट किलिंग’ के जरिए आतंक फैलाने की योजना बना रहा था. आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के रामपुर जिले (Rampur) के मूल निवासी फैजान शेख के रूप में हुई है, जो पिछले चार साल से नवसारी में दर्जी का काम कर रहा था. यह भी पढ़ें: VIDEO: गुजरात में बड़ी साजिश नाकाम, ATS ने गिरफ्तार किए 4 अल-कायदा आतंकी, ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े दस्तावेज और नकली नोट बरामद

गुप्त सूचना पर पुलिस और ATS की छापेमारी

एटीएस और नवसारी पुलिस ने एक संयुक्त अभियान के तहत आरोपी को उस समय धर दबोचा, जब सुरक्षा एजेंसियों को उसके हिंसक गतिविधियों की तैयारी में शामिल होने की खुफिया जानकारी मिली. जांचकर्ताओं ने आरोपी के संदिग्ध इंस्टाग्राम अकाउंट का तकनीकी विश्लेषण किया, जिसके बाद उसकी उपस्थिति की पुष्टि हुई. घेराबंदी कर की गई छापेमारी में उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

डिजिटल सबूतों से खुले कई राज

एटीएस के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में भारी मात्रा में कट्टरपंथी सामग्री मिली है. इसमें जैश-ए-मोहम्मद और अल कायदा जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के समर्थन वाले वीडियो और ऑडियो संदेश शामिल हैं.

इसके अलावा, पुलिस को मोबाइल में कुछ व्यक्तियों की तस्वीरें मिली हैं, जिन पर विशेष निशान लगे हुए थे. एटीएस का मानना है कि ये आरोपी के संभावित निशाने (Targets) थे। साथ ही, उसके पास से अरबी और उर्दू में छपे 29 पन्नों का साहित्य भी बरामद हुआ है, जिसका उपयोग युवाओं को गुमराह करने के लिए किया जा रहा था. यह भी पढ़ें: UP: रामपुर का शहजाद बना ISI का जासूस, एटीएस ने मुरादाबाद से किया गिरफ्तार; पूछताछ जारी

हथियार बरामद और ‘मोहम्मद अबू बकर’ का कनेक्शन

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक पिस्तौल और छह जिंदा कारतूस भी जब्त किए. पूछताछ में फैजान ने खुलासा किया कि उसने यह हथियार छह महीने पहले उत्तर प्रदेश में एक अज्ञात व्यक्ति से खरीदा था.

जांच में सामने आया है कि वह पिछले कई महीनों से सोशल मीडिया के जरिए ‘मोहम्मद अबू बकर’ नामक व्यक्ति के संपर्क में था. दोनों के बीच कट्टरपंथी विचारधारा और भड़काऊ सामग्री का आदान-प्रदान होता था. डीएसपी हर्ष उपाध्याय ने बताया कि फिलहाल अबू बकर और अन्य साथियों की पहचान के लिए तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है और यूपी पुलिस से भी समन्वय साधा जा रहा है.

12 दिन की रिमांड पर आरोपी

आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 12 दिन की एटीएस रिमांड पर भेज दिया गया है. पुलिस ने उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. एटीएस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं.




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