आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल खत्म, कलेक्टर दर पर मानीं, बीमा का लाभ भी मिलेगा

महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों से रायपुर में शनिवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की चर्चा हुई। इसमें कलेक्टर पद पर आंबा कार्यकर्ताओं को 9 हजार और सहायिकाओं को 4500 रुपए वेतन देने व बीमा योजना का लाभ देन की बात पर सहमति बनी। इसके बाद 6 सूत्रीय मांगों को लेकर 33 दिनों से हड़ताल कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की हड़ताल की समाप्ति की घोषणा छग प्रदेश महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका संघ ने रविवार को रायपुर में की। अब सोमवार से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन शुरू हो जाएगा।
संघ की प्रांताध्यक्ष रुक्मणी सज्जन ने बताया कि शनिवार को महिला बाल विकास विभाग के सचिव हेम गीता, संयुक्त संचालक प्रतीक खरे, संयुक्त सचिव अमित चौधरी, राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष सुभाष मिश्रा, रायपुर के जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पांडे और प्रतिनिधि मंडल के सदस्य पदमावती साहू, साज बेगम के नेतृत्व में एक बैठक हुई। इसमें यह निर्णय लिया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को कलेक्टर दर पर काम करना होगा।
इसके अलावा उन्हें बीमा योजना का भी लाभ दिया जाएगा। प्रांताध्यक्ष सज्जन ने बताया कि काम करने के दौरान मौत होने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को पहले 10 हजार रुपए दिया जाता था, वहीं अब 50 हजार रुपए देने के साथ कम बच्चों वाले केंद्रों को बंद नहीं करने पर सहमति बनी है। सहमति के आधार पर कार्यकर्ताओं को 9 हजार और सहायिका को 4500 रुपए दिए जाएंगे। हड़ताल खत्म करने का निर्णय सभी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की सहमति के बाद ही लिया गया है। समय पर सहमति के आधार पर यदि सुविधाएं नहीं दी जाएंगी तो फिर से आंदोलन किया जाएगा।




