धमतरी के गंगरेल बांध में 82 फीसदी भरा पानी, माडमसिल्ली का सायफन सिस्टम शुरू होते ही खुले 34 गेट

धमतरी। जिले में पिछले कई घंटों से लगातार हो रही बारिश से एक ओर जहां कई जिलों के नदी नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में रेड एवं यलो अलर्ट जारी कर भारी बारिश की चेतावनी भी दी है। धमतरी जिले में भी अनवरत बारिश से जिले व राज्य का सबसे बड़ा बांध रविशंकर जलाशय परियोजना भी लबालब होने की कगार पर पहुँच चुका है। केचमेंट एरिया में निरंतर बारिश होने की वजह से बांध का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है। कुल 32.150 टीएमसी क्षमता वाले इस बांध में 27.27 टीएमसी पानी भरने के साथ ही कुल जलभराव 82 प्रतिशत हो चुका है। जबकि अभी भी केचमेंट एरिया से 7 हजार 650 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। बांध को लबालब होने मुश्किल से 5 टीएमसी पानी की और दरकार है।
गंगरेल के अलावा जिले के अन्य बांधो में भी जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है। मुरूमसिल्ली बांध की क्षमता कुल 5.839 टीएमसी है। जहां 532 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। गुरुवार की शाम बांध पूरी तरह से लबालब होते ही सायफन सिस्टम शुरू हो गया और सभी 34 गेट भी खुल गए। इसी तरह 10.192 टीएमसी क्षमता वाले दुधावा बांध में 8.204 टीएमसी पानी भर गया है । यहां 3752 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। वहीं 6.995 की क्षमता वाले सोंढुर बांध में भी 6.144 टीएमसी पानी भर गया है। वर्तमान में इस बांध में 2370 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। जलभराव की स्थिति को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि कभी भी गंगरेल बांध के गेट भी खोल दिये जायेंगे। फिलहाल जलसंसाधन विभाग के अधिकारी कर्मचारी हालात पर लगातार निगरानी बनाये हुए हैं। इसके साथ ही तटीय इलाके में बसे गांवों को भी सतर्क किया जा रहा है।




