Maharashtra Govt: महाराष्ट्र सरकार का फैसला, 25 तेंदुओं को गुजरात के रिलायंस फाउंडेशन के वंतारा केंद्र में किया गया शिफ्ट

Maharashtra Govt: महाराष्ट्र सरकार का फैसला, 25 तेंदुओं को गुजरात के रिलायंस फाउंडेशन के वंतारा केंद्र में किया गया शिफ्ट

Leopard (Photo Credits: Pixabay)

Maharashtra Govt:  महाराष्ट्र में बढ़ते मानव-तेंदुआ संघर्ष और तेंदुओं की बढ़ती आबादी को प्रबंधित करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है. महाराष्ट्र के वन मंत्री गणेश नायक ने विधान परिषद में घोषणा की कि अब तक 25 तेंदुओं को गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस फाउंडेशन की ‘वंतारा’ सुविधा में स्थानांतरित किया जा चुका है. राज्य सरकार और रिलायंस फाउंडेशन के बीच हुए समझौते के तहत कुल 50 तेंदुओं को वहां भेजने की योजना है.

तेंदुओं की संख्या में चार गुना वृद्धि

वन मंत्री ने सदन को बताया कि पिछले एक दशक में राज्य में तेंदुओं की आबादी में चार गुना वृद्धि हुई है. अकेले पुणे जिले में लगभग 150 तेंदुओं को पकड़ा गया है, जो रिहायशी इलाकों में बढ़ते खतरे का संकेत है. सिर्फ तेंदुआ ही नहीं, बल्कि बाघों की संख्या भी पिछले सात-आठ वर्षों में 101 से बढ़कर 444 हो गई है. इतनी तेजी से बढ़ती आबादी के कारण वन्यजीवों और मनुष्यों के बीच आमना-सामना की घटनाएं बढ़ी हैं.

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में संशोधन

वन्यजीव प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं. अब राज्य के मुख्य वन्यजीव वार्डन (Chief Wildlife Warden) को तेंदुओं के स्थानांतरण और जनसंख्या नियंत्रण पर त्वरित निर्णय लेने का अधिकार मिल गया है. इस संशोधन के बाद अब हर छोटे फैसले के लिए केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति की प्रतीक्षा नहीं करनी होगी, जिससे आपात स्थितियों में तेजी से कार्रवाई की जा सकेगी.

वैज्ञानिक प्रबंधन और सफारी की योजना

सरकार ने स्पष्ट किया है कि तेंदुओं का स्थानांतरण पूरी तरह से वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन और संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से किया जा रहा है. मंत्री गणेश नायक ने जनता की चिंताओं को दूर करते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में तेंदुओं को मारने या नुकसान पहुँचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार प्रत्येक जिले में ‘लेपर्ड’ (तेंदुआ) और ‘टाइगर’ (बाघ) सफारी स्थापित करने की योजना बना रही है. इसका उद्देश्य न केवल वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है, बल्कि राज्य में ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देना है.

वंतारा की भूमिका और भविष्य

जामनगर स्थित वंतारा दुनिया के सबसे बड़े वन्यजीव पुनर्वास केंद्रों में से एक है, जो आधुनिक चिकित्सा और देखभाल सुविधाओं से लैस है. महाराष्ट्र के इन 50 तेंदुओं को वहां बेहतर प्राकृतिक वातावरण और विशेषज्ञ निगरानी मिलेगी. सरकार का मानना है कि इस कदम से राज्य के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों के हमले कम होंगे और आम लोगों को राहत मिलेगी.




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