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Raisen: बैठक में नहीं बन सका अधिकारी कर्मचारियों में बेहतर तालमेल


Raisen रायसेन। जिला केंद्रीय सहकारी बैंक मर्यादित रायसेन की नवागत सीईओ अंजुलि धुर्वे के चार्ज लेने के चौबीस घण्टों के बावजूद विरोधाभास आपसी तकरार थमने का नाम नहीं ले रहा।विरोध प्रदर्शन का सिलसिला बैंक अधिकारी कर्मचारियों के सामूहिक इस्तीफा देने की नीति पर अड़े रहे।बुधवार को सुबह साढ़े 10 बजे जैसे ही बैंक की नवागत सीईओ अंजुलि धुर्वे के कोआपरेटिव बैंक प्रधान कार्यालय रायसेन आने की जानकारी बैंक अधिकारी कर्मचारियों को लगी।तभी बैंक के अधिकारी कर्मचारियों ने एकजुट होकर कार्य का बहिष्कार करते हुए विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी को लेकर अपनी आवाज बुलन्द रखी।विरोध प्रदर्शन की खबर बैंक की प्रभारी सीईओ धुर्वे को मिली।तो वह सहकारी बैंक रायसेन प्रधान कार्यालय ना जाकर कलेक्टर के चैंबर कलेक्टर से मुलाकात करने जा पहुंची।
बैठक में एसडीएम तालमेल कराने बैठक लेने पहुंचे…. लेकिन नहीं बनी बात
सूत्रों से पता चला है कि कलेक्टर अरविंद दुबे के आदेश पर एसडीएम रायसेन मुकेश सिंह केंद्रीय सहकारी बैंक मर्यादित प्रधान कार्यालय पहुंचे यहां एसडीएम सिंह ने बैंक के अधिकारी कर्मचारियों के बीच लगभग 2 घंटे बैठक लेकर समझाइए दी ।लेकिन बावजूद इसके अधिकारी और कर्मचारियों को वह नहीं मना पाए ।नाराज बैंक अधिकारी कर्मचारियों का कहना था कि जो कोआपरेटिव बैंक रायसेन में प्रभारी सीईओ को चार्ज दिया गया है वह इस कैडर की श्रेणी में नहीं आती। वह गंभीर अनिमित्ताओं और वाइस सीसीटीवी कैमरे जिले की 15 सहकारी बैंकों सहित रायसेन के जिला केंद्रीय सहकारी बैंक प्रधान कार्यालय अर्जुन नगर रायसेन में लगे सीसीटीवी कैमरों को हटाकर 16 जगहों पर वाइज सीसीटीवी कैमरे कम कीमत के खरीदकर बड़े बिलों की बिलिंग के बिल लगाए गए हैं।इस नियम विरुद्ध सामान खरीदी के मामले में प्रशासक को नजर

अंदाज किया गया है।अन्य सामान कम्प्यूटरों सीपीयू और मॉनिटर की बोर्ड सहित अन्य सामान खरीदी में घोटाले बाज पूर्व सीईओ आकाश दीप चौहान को जांच अधिकारीसहकारिता विभाग की एआर अंजुलि धुर्वे ने जांच प्रतिवेदन में चौहान को घोटालेबाज को क्लीन चिट देने का कार्य किया है।जो जनचर्चा का विषय बना हुआ है।

इधर संभाला प्रभारी सीईओ ने चार्ज उधर विरोध कर्मचारियों के सामूहिक इस्तीफा देने की तैयारी में जुटे…
इससे साफ जाहिर होता है कि जो जांच अधिकारी घोटालेबाज आकाशदीप चौहान से रकम का मोटालेन कर उसकी जांच को प्रभावित कर सकती है तो वह सहकारी केंद्रीय बैंक रायसेन को धारा 11 के घाटे से कैसे उभार पाएंगी।जो कि समझ से परे हैं।प्रभारी सीईओ एवं एआर धुर्वे ने आकाश दीप चौहान को गले गले तक घोटालों की सामान खरीदी की गंभीर अनियमितताओं में फंसे जांच प्रतिवेदन में उसे क्लीन चिट देते हुए सहकारिता विभाग के भोपाल हेडऑफिस भेज दिया है।जबकि बैंक मैन्युअल के मुताबिक नियमानुसार 50 हजार रुपये से ज्यादा सामान खरीदी का अधिकारी पूर्व प्रभारी सीईओ आकाशदीप चौहान को नहीं था।लेकिन चौहान ने 55 हजार से लेकर 65 और 70 हजार की नियम विरुद्ध खरीदी की बिलिंग की है तो ऐसे में एआर जांच अधिकारी अंजुलि धुर्वे ने चौहान को हरी झंडी आखिर क्यों दे दी।

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