पंचतत्व में विलीन हुए वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैय्यर, मीडिया जगत ही नहीं सभी क्षेत्र के लोगों ने नम आंखों से दी विदाई
रायपुर। वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैयर जी को अंतिम विदाई देने काफी बड़ी संख्या में लोग शुक्रवार को मारवाड़ी मुक्तिधाम पहुंचे। कल तक जिस नैयर जी के साथ लिखते-पढ़ते, उठते-बैठते, हंसी-मजाक,सभा-संगोष्ठी, तीज-त्यौहार में शामिल हुआ करते थे, आज मन और आंख दोनों पर भारी पड़ रहा था हर पल जब चिता पर लेटे हुए नैयर जी को वे देख रहे थे। हर कोई वहां सिर्फ नैयर जी के साथ बिताये हुए समय और अपने संबंधों को याद कर रहे थे। समता कालोनी निवास स्थान से सुबह अंतिम यात्रा निकली बड़े बेटे संजय ने मुखाग्नि दी, संदीप व परिजन भी साथ रहे।
बड़ी संख्या में पत्रकार, पूर्व अफसर, राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, कारोबारी और समाज के विभिन्न तबकों के लोग शामिल हुए। वहां हुई एक शोक सभा में लोगों ने नैयर जी के नाम पर एक शोध पीठ स्थापित करने की बात कही। महापौर एजाज ढेबर इस मौके पर उपस्थित थे उनसे ही आग्रह किया गया कि वे यह बात ऊपर तक पहुंचायें। उन्होने शहर के प्रथम नागरिक की हैसियत से नैयर जी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। वरिष्ठ पत्रकार शिव दुबे ने कहा, उनकी शैली इतनी विनोदी थी कि रिव्यू भी इस ढंग से करते कि जो कहना है वह कह दिया जाए और सामने वाले के मन को चोट भी न पहुंचे। वरिष्ठ पत्रकार सुनील कुमार ने कहा, अलग-अलग अखबारों में काम करने के बावजूद वे लोग रोज काम के बाद मिला करते थे। वरिष्ठ पत्रकार गोपाल वोरा ने अपने दफ्तर में रोजाना शाम को होने वाली बैठक व नैयर जी की सक्रियता को याद किया। गिरीश पंकज, सुभाष मिश्रा, कौशल शर्मा, सुशील त्रिवेदी, रमेश शर्मा ने भी अपनी बात शोक सभा में कही।




