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ऊर्जा एवं जल संरक्षण पर एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यशाला आयोजित


Raigarh. रायगढ़। कृषि विज्ञान केंद्र, रायगढ़ एवं जिला कार्यालय क्रेडा के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित ऊर्जा एवं जल संरक्षण हेतु एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यशाला आयोजित हुआ। जिसमें जोनल क्रेडा कार्यालय रायगढ़ के कार्यापालन अभियंता जे.आर.साण्डे एवं जिला प्रभारी सुमन किशोर किन्डो तथा इस केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉ.बी.एस.राजपूत के साथ-साथ डॉ. खूबचंद बघेल पुरस्कार से सम्मानित कृषक खेमराज पटेल के साथ अन्य 70 से अधिक प्रगतिशील कृषक भी विशेष रूप से एवं आकाशवाणी केंद्र

रायगढ़ से रामविलास पटेल उपस्थित थे। जे.आर.साण्डे ने कहा कि प्रकृति में उपस्थित ऊर्जा की विभिन्न स्रोतों का सावधानी पूर्वक उपयोग और संरक्षण करना चाहिए। डॉ.बी.एस.राजपूत ने मृदा एवं जल संरक्षण हेतु समस्त वैज्ञानिक तकनीक को संतुलित तरीके से अपनाने के लिए कहा एवं जल संरक्षण के देशी एवं व्यवहारिक विधियों को अपनाकर ऊर्जा बचत में योगदान कर सकते हैं।

जिला प्रभारी सुमन किशोर किन्डो ने कहा कि सोलर सुजला योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी तत्पश्चात कार्यक्रम में उपस्थित केंद्र के वैज्ञानिक डॉ.के.डी. महंत ने मृदा संरक्षण के सिद्धांत एवं उपाय के बारे में विस्तृत से बताया साथ ही उन्होंने जैविक एवं प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने हेतु निवेदन किया। डॉ.के.के पैकरा ने उद्यान की फसलों में टपक सिंचाई से जल संरक्षण की महत्व और वाटरशेड संरचना के माध्यम से जल का अधिकतम प्रयोग के बारे में जानकारी दी। अतिथि शिक्षक डॉ. कुमुदनी वर्मा ने ऊर्जा रिसाइकलिंग एवं फार्म मशीनरी दक्षता के बारे में और डॉ. मनोज साहू ने अवशिष्ट प्रबंधन एवं प्रोसेसिंग हेतु उपयोगी उपकरणों का ऊर्जा तीव्रता प्रबंधन तथा ऊर्जा संरक्षण दक्षता के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित प्रगतिशील कृषकों को कृषि ऊर्जा

सम्मान 2024 से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. कन्हैया लाल पटेल नेे उपस्थित समस्त विशिष्ट अतिथियों और प्रगतिशील कृषकों को केंद्र का भ्रमण कराकर विभिन्न इकाइयों द्वारा ऊर्जा संरक्षण का जीवंत प्रदर्शन कराया। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. के. डी. महंत ने की। इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र रायगढ़ के स्टाफ सुरेश प्रधान, नर्मदा उरांव, सुनैना कुर्वंशी सुखलाल राठिया, उषा बरेठ एवं अन्य स्टाफ का विशेष योगदान रहा।

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