नए किसानों का पंजीयन, भौतिक सत्यापन, चावल उपलब्धता की जानकारी दें: कलेक्टर

तैयारी करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अपने विभाग से संबंधित विभाग योजनाओं का मॉडल प्रदर्शनी लगाने के लिए तैयारी शुरू कर दे। जशपुर के विकास कार्यों की भी अच्छी प्रदर्शनी लगाई जा सकती है। कार्यक्रम के लिए लोकल कलाकारों को अधिक से अधिक अवसर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों को सामग्री वितरण किया जाना है। साथ ही किसानों को मिट्टी परीक्षण करने का कार्ड और किसान किताब भी देने के निर्देश दिए।
धान खरीदी करने के पूर्व सत्यापन का कार्य टीम बनाकर अनिवार्य रूप से करना होगा। नए किसानों का पंजीयन, भौतिक सत्यापन, जिले के राईस मिलर्स के पास चालव की जानकारी देने के भी निर्देश दिए हैं। जिले के 24 समितियों के माध्यम से 46 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी के लिए तैयारी करने की बात कही। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 16 अक्टूबर को कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन तथा कस्टम मिलिंग की नीति का अनुमोदन किया गया था। जिसके अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान समर्थन मूल्य पर राज्य के किसानों से नगद एवं लिंकिंग में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 14 नवम्बर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक की जाएगी।




