IPS और राज्य सरकार में तेज हुई कानूनी जंग, हाईकोर्ट में 15 को सुनवाई, जीपी सिंह ने वापिस ली जमानत याचिका
Legal battle intensified between IPS and state government, high court hearing on 15th, GP Singh withdraws bail plea
बिलासपुर- आय से अधिक संपत्ति और राजद्रोह मामले में घिरे निलंबित आईपीएस अधिकारी जी पी सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट गुरूवार को सुनवाई करेगी. याचिका दायर करते हुए जी पी सिंह ने सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि सरकार मुझे फंसा रही है. इस याचिका पर जस्टिस एन के व्यास सुनवाई करेंगे. इधर इस याचिका को लेकर राज्य सरकार ने कैविएट दायर करते हुए कहा है कि, हमारा पक्ष भी सुना जाए.
जानकारी के मुताबिक अभी पुलिस GP सिंह मामले में कई जगहों पर पूछताछ कर रही है. इससे अभी पुलिस की केस डायरी अधूरी है. पुलिस कोर्ट में डायरी पेश नहीं कर पाई. वहीं एंटी करप्शन ब्यूरो ने जीपी सिंह के लिए बुलाया था, लेकिन जीपी सिंह ने तबीयत ठीक नहीं होने की जानकारी दी. साथ ही उन्होंने पत्र लिख कर कहा कि उन्हें कोरोना के लक्षण हैं, जिससे वे होम क्वॉरेंटाइन हैं. जल्द जीपी सिंह का कोविड टेस्ट भी किया जा सकता है.बता दें कि 1 जुलाई को रायपुर स्थित जीपी सिंह के सरकारी घर में ACB का छापा पड़ा था. तीन दिन तक चली कार्रवाई में रायपुर, ओडिशा, पंजाब में 10 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का पर्दाफाश हुआ था. इस पर ACB और EOW की टीम ने FIR दर्ज की थी. इतना ही नहीं ACB को जीपी सिंह के घर से मिले दस्तावेज कई गवाही दे रहे थे. कई नेताओं और अफसरों की जन्मकुंडली होने की बात कही गई थी. साथ ही कई बैंक अकाउंट और बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ था.बीते दिनों GP की डायरी मिली थी. इस डायरी में राज्य सरकार और खास तौर पर सीएम सचिवालय के कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ गंभीर टिप्पणियां दर्ज हैं. सरकार के मंत्रियों, नेताओं और अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के खिलाफ भी षड्यंत्र किए जाने संबंधी दस्तावेज छापे के दौरान बरामद हुए हैं. जीपी सिंह दूसरे राजनीतिक दलों को सरकार के विरोध में दस्तावेज उपलब्ध कराते थे. साथ ही कई अन्य अहम जानकारियां भी साझा करते थे.




